• रक्षाबंधन से पहले लगभग 800 जवानों को स्कूली बेटियों और महिला समूहों ने बांधी राखी, करीब 68 लाख बहनों को महतारी वंदन की 31वीं किस्त में मिल...
• रक्षाबंधन से पहले लगभग 800 जवानों को स्कूली बेटियों और महिला समूहों ने बांधी राखी, करीब 68 लाख बहनों को महतारी वंदन की 31वीं किस्त में मिलेंगे ₹631 करोड़ :
रायपुर : रक्षाबंधन से पहले राजधानी रायपुर के बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में भाई-बहन के स्नेह और राष्ट्ररक्षा के संकल्प का भावपूर्ण संगम देखने को मिला। ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में स्कूली बेटियों, दिव्यांग बेटियों और महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों ने केंद्रीय सुरक्षा बलों, सेना और पुलिस के जवानों की कलाइयों पर राखी बांधी।
कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब वर्ष 2017 में रक्षाबंधन से एक दिन पहले नक्सली मुठभेड़ में शहीद हुए उपनिरीक्षक श्री युगल किशोर वर्मा की धर्मपत्नी श्रीमती माधुरी वर्मा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधी। मुख्यमंत्री भावुक हो उठे और शहीद जवानों के परिवारों के सम्मान तथा हर सुख-दुःख में उनके साथ खड़े रहने का संकल्प दोहराया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राखी का यह धागा केवल भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक नहीं, बल्कि शहीद परिवार के विश्वास और अपनत्व का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिवार उनके अपने परिवार हैं और सरकार उनके सम्मान, स्वाभिमान तथा हर सुख-दुःख में उनके साथ खड़ी है।
नक्सलवाद के अंत से बहनों को सुरक्षा का भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध सुरक्षा बलों के साहस और बलिदान ने छत्तीसगढ़ में शांति और विकास के नए दौर का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के अंत की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़ बहनों के लिए सुरक्षा और विश्वास का सबसे बड़ा उपहार है।
उन्होंने कहा कि अब बस्तर की पहचान हिंसा से नहीं, बल्कि शांति, विकास, समृद्ध जनजातीय संस्कृति, पर्यटन और नई संभावनाओं से होगी। नक्सल हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और रोजगार जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
लगभग 800 जवानों की कलाइयों पर बंधी राखी
‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में सीआईएसएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआरपीएफ, सेना और पुलिस के लगभग 800 जवान शामिल हुए। स्कूली छात्राओं, दिव्यांग बेटियों, स्वच्छता दीदियों, ड्रोन दीदियों, लखपति दीदियों और महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्यों ने जवानों को राखी बांधकर उनके योगदान के प्रति आभार जताया।
सुरक्षा बलों के जवानों ने भी बहनों की रक्षा, सम्मान और सुरक्षा का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान में योगदान देने वाले जवानों के शौर्य और समर्पण को नमन किया।
‘बहनों का स्नेह मेरी सबसे बड़ी शक्ति’
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की बहनों का स्नेह और आशीर्वाद उन्हें जनसेवा के लिए नई ऊर्जा देता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के साथ उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 2 लाख 42 हजार से अधिक महिला स्व-सहायता समूहों से करीब 30 लाख महिलाएं जुड़ी हैं। लखपति दीदी अभियान के तहत प्रदेश की 13 लाख 85 हजार बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं।
रक्षाबंधन से पहले करीब 68 लाख बहनों को ₹631 करोड़
मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन और आत्मसम्मान का आधार बनी है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹1,000 की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खातों में दी जा रही है।
रक्षाबंधन के अवसर पर महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में करीब 68 लाख बहनों के बैंक खातों में लगभग ₹631 करोड़ की राशि अंतरित की जाएगी।
देश की एकता और जवानों के सम्मान का संकल्प
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नागरिकों को देश की एकता, अखंडता और सम्मान की रक्षा के लिए जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने कर्तव्यों का पालन करने तथा वीर जवानों के प्रति सदैव सम्मान रखने का संकल्प दिलाया।
वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में केंद्रीय सुरक्षा बलों और पैरामिलिट्री फोर्स का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने सुरक्षा बलों के साहस और बलिदान को नमन करते हुए समाज से देश की एकता और अखंडता को कमजोर करने वाली प्रवृत्तियों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।
रायपुर जिले के पांच अभिनव प्रोजेक्ट्स का शुभारंभ
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रायपुर जिला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों के पांच अभिनव प्रोजेक्ट्स का शुभारंभ किया।
हरित पोषणम्: आंगनबाड़ियों और महिला समूहों को फलदार पौधे एवं सब्जियों के उन्नत बीज उपलब्ध कराकर पोषण वाटिकाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।
प्रोजेक्ट निरामय: रायपुर जिले के 215 उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के 65,920 छात्र-छात्राओं की स्वास्थ्य एवं रक्त जांच की जाएगी। जरूरत पड़ने पर निःशुल्क उपचार की व्यवस्था भी की जाएगी।
तिरंगा शक्ति फेस्ट: रायपुर में हर महीने सामाजिक समरसता, संस्कृति, सुशासन, युवा नेतृत्व और राष्ट्रभावना से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
रायपुर अनफिल्टर्ड: प्रतिष्ठित हस्तियों, कलाकारों और विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले लोगों के जीवन, अनुभव और विचारों को पॉडकास्ट के माध्यम से सामने लाया जाएगा।
प्रोजेक्ट अहिगुण्डिकः: सौंरा (सपेरा) समुदाय के परिवारों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, जॉब कार्ड सहित आवश्यक दस्तावेज और योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने का प्रयास होगा।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, सुरक्षा बलों के अधिकारी-जवान, स्कूली विद्यार्थी, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्य और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।







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