• होमगार्ड और फॉरेस्ट गार्ड में नौकरी दिलाने का झांसा, विभाग में पहचान का हवाला देकर वर्दी भी देता था आरोपी : जगदलपुर : बस्तर पुलिस ने नौकर...
• होमगार्ड और फॉरेस्ट गार्ड में नौकरी दिलाने का झांसा, विभाग में पहचान का हवाला देकर वर्दी भी देता था आरोपी :
जगदलपुर : बस्तर पुलिस ने नौकरी लगाने के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। कोतवाली पुलिस के अनुसार आरोपी ने होमगार्ड और फॉरेस्ट गार्ड के पदों पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर पांच लोगों से कुल 8 लाख 95 हजार रुपये लिए थे। आरोपी घटना के बाद मोबाइल बंद कर फरार हो गया था, जिसे पुलिस ने उसके आड़ावाल स्थित घर से हिरासत में लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान कृष्ण कुमार वैष्णव पिता गोपालदास, उम्र 38 वर्ष, निवासी आड़ावाल, थाना बोधघाट, जगदलपुर के रूप में हुई है।
विभाग में पहचान का हवाला देकर लेता था रकम
पुलिस के मुताबिक, आरोपी होमगार्ड एवं फॉरेस्ट विभाग में अपनी अच्छी पहचान होने का हवाला देकर लोगों को नौकरी दिलाने का भरोसा देता था। विश्वास में लेने के लिए वह प्रार्थियों को वर्दी भी देता था। इसके बाद फोन-पे और नगद के माध्यम से रकम लेकर नौकरी नहीं लगाता था।
थाना कोतवाली में प्रार्थी नीरबत्ती कश्यप, निवासी मावलीगुड़ा ने शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार आरोपी ने प्रार्थी से 1.50 लाख रुपये, परमेश्वर नेताम से 2.05 लाख रुपये, सरिता बघेल से 3.92 लाख रुपये और सोनधर कश्यप से 70 हजार रुपये लिए थे। पुलिस के अनुसार कुल 8.95 लाख रुपये की ठगी की गई।
आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज
शिकायत के आधार पर थाना कोतवाली में धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार धोत्रे के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी लीलाधर राठौर के नेतृत्व में टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने आरोपी को उसके आड़ावाल स्थित घर से हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी द्वारा अपराध करना स्वीकार करने तथा फोन-पे एवं नगद के माध्यम से रकम लेने की बात स्वीकार किए जाने के बाद पुलिस ने उसे 14 अगस्त को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार आरोपी पूर्व में ठगी और मारपीट सहित 07 अपराधों में हिस्ट्रीशीटर रह चुका है और कई बार जेल जा चुका है।
कार्रवाई में निरीक्षक लीलाधर राठौर, उपनिरीक्षक छबील तांडेकर, प्रधान आरक्षक विनोद चांदने, राजपूत तथा आरक्षक रंगलाल खरे, त्रिनाथ कश्यप और तामेश्वर चंद्राकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



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