• सावन के अंतिम सोमवार भारी बारिश के बीच उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, सांसद महेश कश्यप की पहल पर पूरे सावन उपलब्ध रही विशेष मोटरबोट सेवा : जग...
• सावन के अंतिम सोमवार भारी बारिश के बीच उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, सांसद महेश कश्यप की पहल पर पूरे सावन उपलब्ध रही विशेष मोटरबोट सेवा :
जगदलपुर : सावन माह के चतुर्थ एवं अंतिम सोमवार के पावन अवसर पर ऐतिहासिक दलपत सागर के मध्य स्थित प्राचीन भूपालेश्वर महादेव मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर जलाभिषेक एवं विधिवत पूजा-अर्चना की। भारी बारिश के बावजूद सुबह से ही बड़ी संख्या में शिवभक्त दलपत सागर पहुंचे। ‘हर हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय नजर आया। सुबह से दोपहर तक श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने और दर्शन-पूजन का सिलसिला जारी रहा।
सावन माह की शुरुआत में श्रद्धालुओं और गौ सेवकों की मांग पर बस्तर सांसद महेश कश्यप ने सावन के प्रत्येक सोमवार भूपालेश्वर महादेव मंदिर तक श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष मोटरबोट सेवा उपलब्ध कराने की पहल की थी। इस सेवा के माध्यम से प्रत्येक सोमवार बड़ी संख्या में शिवभक्त दलपत सागर के मध्य स्थित मंदिर पहुंचे और भगवान भूपालेश्वर महादेव का दर्शन एवं जलाभिषेक किया।
मोटरबोट सेवा शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। लंबे समय से सीमित पहुंच वाले इस प्राचीन मंदिर में सावन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को दर्शन का अवसर मिला। इससे पहले सावन के तीसरे सोमवार को सांसद महेश कश्यप ने अपने परिवार एवं श्रद्धालुओं के साथ मंदिर पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की थी।
स्थानीय जानकारी के अनुसार, दलपत सागर का निर्माण चालुक्य शासक दलपत देव के काल से जुड़ा माना जाता है। वहीं दलपत सागर के मध्य स्थित प्राचीन शिव मंदिर के संबंध में स्थानीय ऐतिहासिक परंपराओं के अनुसार इसका निर्माण वर्ष 1842 के आसपास चालुक्य शासक भूपालदेव द्वारा कराया गया था। भगवान शिव के शिवलिंग की स्थापना के कारण यह मंदिर भूपालेश्वर महादेव मंदिर के नाम से प्रसिद्ध हुआ।
दलपत सागर को ऐतिहासिक रूप से भूपालताल के नाम से भी जाना जाता है। स्थानीय परंपराओं में समुद्रनामी एवं भूपालेश्वर तालाब जैसे नामों का भी उल्लेख मिलता है। भूपालेश्वर महादेव मंदिर बस्तर की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जबकि दलपत सागर क्षेत्र की प्रमुख ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल है।
सामान्य दिनों में दलपत सागर के मध्य स्थित मंदिर तक श्रद्धालुओं की पहुंच सीमित रहती है। सावन में भगवान शिव के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए विशेष मोटरबोट सेवा उपलब्ध कराई गई, जिससे अधिक से अधिक श्रद्धालु मंदिर तक पहुंच सके। अंतिम सोमवार को भी भारी बारिश के बावजूद सुबह से श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया और मोटरबोट के माध्यम से मंदिर पहुंचकर भक्तों ने भगवान भूपालेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया।
श्रद्धालुओं ने सावन के प्रत्येक सोमवार विशेष मोटरबोट सेवा उपलब्ध कराने की पहल को सुविधाजनक और सराहनीय बताते हुए सांसद महेश कश्यप का आभार व्यक्त किया। श्रद्धालुओं का कहना था कि इस पहल से दलपत सागर के मध्य स्थित प्राचीन मंदिर में दर्शन एवं जलाभिषेक करना उनके लिए सहज और यादगार अनुभव रहा।






कोई टिप्पणी नहीं