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सरपंच-सचिव पर मजदूरी भुगतान में गड़बड़ी का आरोप, ग्रामीणों ने की जांच और कार्रवाई की मांग

"बकावंड में अमृत सरोवर योजना पर उठे सवाल, मजदूरों का आरोप– मेहनत की कमाई हड़प ली गई" बकावंड। बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड अंतर्गत...


"बकावंड में अमृत सरोवर योजना पर उठे सवाल, मजदूरों का आरोप– मेहनत की कमाई हड़प ली गई"

बकावंड। बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सतोसा क्रमांक-2 में अमृत सरोवर योजना के तहत कराए गए निर्माण कार्य को लेकर गंभीर अनियमितताओं और मजदूरी भुगतान में गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि तालाब निर्माण कार्य में महीनों तक मेहनत करने के बावजूद उन्हें उनकी पूरी मजदूरी नहीं मिली, जिससे कई परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2022 में अमृत सरोवर तालाब निर्माण कार्य शुरू किया गया था। योजना का उद्देश्य स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना और जल संरक्षण को बढ़ावा देना था, लेकिन आरोप है कि कार्य में मशीनों का अधिक उपयोग किया गया तथा स्थानीय मजदूरों को अपेक्षित लाभ नहीं मिला। जिन मजदूरों ने कार्य किया, उन्हें भी मजदूरी भुगतान के लिए लंबे समय तक सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने पड़े।

मजदूरों ने लिया कर्ज, फिर भी नहीं मिला पूरा भुगतान

ग्रामीणों का कहना है कि तालाब निर्माण के दौरान लगभग 10 लोगों के समूह ने कार्य किया। प्रारंभिक चरण में फोटो और दस्तावेजी प्रक्रिया के लिए कुछ दिनों तक कार्य कराया गया, जिसके बाद कई महीनों तक जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर लगाकर काम कराया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक के कहने पर उन्होंने मशीनों और ट्रैक्टरों के लिए डीजल तक उधार लेकर उपलब्ध कराया।

मजदूरों का कहना है कि करीब चार माह तक कार्य करने और निजी संसाधन लगाने के बावजूद उन्हें पूरी मजदूरी नहीं मिली। कई बार पंचायत प्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क करने के बाद भी भुगतान नहीं हुआ। कुछ मजदूरों को केवल आंशिक राशि मिली, जबकि शेष भुगतान अब तक लंबित बताया जा रहा है।

आर्थिक संकट और पलायन की स्थिति

भुगतान नहीं मिलने के कारण कई परिवारों को कर्ज लेकर जीवन-यापन करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई योजना ही उनके लिए परेशानी का कारण बन गई। मजदूरी भुगतान लंबित रहने से परिवारों की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई और कुछ लोगों को रोजगार की तलाश में पलायन तक करना पड़ा।

जांच की मांग तेज

मामले को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि योजना में वित्तीय अनियमितता या मजदूरी भुगतान में गड़बड़ी हुई है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए और सभी प्रभावित मजदूरों को तत्काल भुगतान कराया जाना चाहिए।

इस संबंध में क्षेत्रीय अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

:- लंबित मजदूरी का तत्काल भुगतान।

:- अमृत सरोवर निर्माण कार्य की तकनीकी और वित्तीय जांच।

:-दोषी पाए जाने वाले जिम्मेदार अधिकारियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों पर कार्रवाई।

:-भविष्य में मजदूरों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना।

बकावंड विकासखंड के ग्राम पंचायत सतोसा-2 में अमृत सरोवर योजना के तहत निर्मित तालाब, जहां मजदूरी भुगतान में अनियमितता के आरोप सामने आए हैं।

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