• स्मार्ट मीटर से होगी बिजली आपूर्ति, लंबित बिल चार तिमाहियों में जमा करने की मिलेगी सुविधा : जगदलपुर : प्रदेश के शासकीय विभागों और कार्या...
• स्मार्ट मीटर से होगी बिजली आपूर्ति, लंबित बिल चार तिमाहियों में जमा करने की मिलेगी सुविधा :
जगदलपुर : प्रदेश के शासकीय विभागों और कार्यालयों में बिजली उपभोग और बिल भुगतान व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए राज्य सरकार ने प्री-पेड बिलिंग प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। केंद्र सरकार की आरडीएसएस योजना के तहत छत्तीसगढ़ के सभी शासकीय बिजली कनेक्शनों में स्मार्ट मीटर के माध्यम से प्री-पेड व्यवस्था अनिवार्य की जाएगी।
ऊर्जा विभाग की ओर से जारी समय-सारिणी के अनुसार 1 अगस्त 2026 से पहले चरण में विकासखंड (ब्लॉक) स्तर और उससे ऊपर के सभी शासकीय कार्यालयों में प्री-पेड बिजली व्यवस्था लागू होगी। इसके बाद दूसरे चरण में निचले स्तर के सरकारी कार्यालयों को भी इस प्रणाली से जोड़ा जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत 30 जून 2026 तक के लंबित बिजली बिलों को फ्रीज कर दिया जाएगा। इन बकाया राशियों का भुगतान संबंधित विभाग चार समान तिमाही किस्तों में कर सकेंगे।
बिजली विभाग ने नई प्रणाली को उपयोगकर्ता अनुकूल बनाने के लिए कई सुविधाएं भी जोड़ी हैं। रिचार्ज समाप्त होने से सात दिन पहले संबंधित विभाग के नोडल अधिकारी को एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से सूचना भेजी जाएगी। विभाग अपनी दैनिक बिजली खपत, उपलब्ध बैलेंस और रिचार्ज की स्थिति 'मोर बिजली' ऐप और विभागीय वेबसाइट पर ऑनलाइन देख सकेंगे।
व्यवस्था की विशेषता यह है कि एक ही विभाग या जिले के सभी कनेक्शनों को समूह (ग्रुप आईडी) के रूप में जोड़ा जाएगा। जब तक पूरे समूह का बैलेंस उपलब्ध रहेगा, किसी एक कार्यालय की बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होगी। यदि बैलेंस समाप्त हो जाता है, तब भी तिमाही समाप्त होने के 15 दिन बाद तक रिचार्ज नहीं होने पर ही कनेक्शन स्वतः विच्छेदित होगा।
आपात स्थिति में बिजली कटने पर 'मोर बिजली' ऐप के चैटबॉट के माध्यम से अनुरोध कर सात दिनों के लिए अस्थायी रूप से बिजली आपूर्ति बहाल कराई जा सकेगी। रिचार्ज सफल होने के अधिकतम 60 मिनट के भीतर बिजली स्वतः चालू हो जाएगी। तकनीकी समस्या होने पर हेल्पलाइन 1912 पर शिकायत दर्ज कराने के छह घंटे के भीतर बिजली बहाल करने का प्रावधान किया गया है।
राज्य स्तर पर प्री-पेड मॉनिटरिंग सेल गठित किया गया है, जो इस व्यवस्था की निगरानी और सहायता करेगा। साथ ही किसी भी प्रकार की शंका के समाधान के लिए प्रतिदिन दोपहर 12 से 1 बजे तक गूगल वीडियो मीट के माध्यम से सहायता सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।


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