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"दल्ली राजहरा–रावघाट रेल परियोजना में आई तेजी, अगले 3 माह में रावघाट तक दौड़ेगी पैसेंजर ट्रेन"

 "दल्ली राजहरा–रावघाट रेल परियोजना में आई तेजी, अगले 3 माह में रावघाट तक दौड़ेगी पैसेंजर ट्रेन" "15-20 दिनों में शुरू हो सकती...


 "दल्ली राजहरा–रावघाट रेल परियोजना में आई तेजी, अगले 3 माह में रावघाट तक दौड़ेगी पैसेंजर ट्रेन"

"15-20 दिनों में शुरू हो सकती है गुड्स ट्रेन सेवा, बस्तर के विकास को मिलेगी नई रफ्तार"

जगदलपुर/रावघाट (रोमेश नामदेव) :- वर्षों से लंबित दल्ली राजहरा–रावघाट रेल परियोजना अब तेजी से आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार अगले तीन महीनों के भीतर रावघाट तक पैसेंजर ट्रेन सेवा शुरू होने की संभावना है, जबकि आगामी 15 से 20 दिनों में गुड्स ट्रेन संचालन प्रारंभ किया जा सकता है। इससे बस्तर क्षेत्र में परिवहन, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार दल्ली राजहरा–रावघाट रेल परियोजना को वर्ष 1998-99 में मंजूरी मिली थी, लेकिन नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण लंबे समय तक निर्माण कार्य धीमी गति से चलता रहा। अब सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने और क्षेत्रीय परिस्थितियों में सुधार के बाद रेलवे ने निर्माण कार्य में तेजी लाई है।

"ताड़ोकी तक पहले से संचालित है रेल सेवा"

वर्तमान में इस परियोजना के तहत ताड़ोकी तक रेल सेवा संचालित हो रही है। रेलवे द्वारा अंतिम रेल लाइन को रावघाट तक जोड़ दिया गया है तथा ट्रैक फिटनेस से जुड़ी प्रक्रियाएं भी लगभग पूरी हो चुकी हैं। रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) से अनुमति मिलने के बाद यात्री ट्रेन संचालन प्रारंभ कर दिया जाएगा।

"जल्द शुरू होगी गुड्स ट्रेन"

रायपुर रेल मंडल के अधिकारियों के अनुसार रावघाट तक लौह अयस्क परिवहन के लिए जल्द ही गुड्स ट्रेन सेवा शुरू की जाएगी। वर्तमान में लौह अयस्क से भरे ट्रकों को लंबी दूरी सड़क मार्ग से तय करनी पड़ती है, जिससे समय और लागत दोनों अधिक लगते हैं। रेल सेवा शुरू होने से परिवहन आसान और सस्ता हो जाएगा।

"सड़क यातायात और डीजल खर्च में आएगी कमी"

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि गुड्स ट्रेन शुरू होने के बाद भारी वाहनों का दबाव सड़कों पर कम होगा। इससे सड़क दुर्घटनाओं की आशंका घटेगी और डीजल खपत में भी कमी आएगी। साथ ही पर्यावरणीय प्रभाव भी कम होने की संभावना है।

2030 तक जगदलपुर तक रेल सेवा पहुंचाने की तैयारी

रावघाट से जगदलपुर तक लगभग 140 किलोमीटर लंबी रेल लाइन परियोजना पर भी कार्य प्रस्तावित है। इसे चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक आगामी वर्षों में यह परियोजना पूरी होने पर बस्तर संभाग सीधे रेल नेटवर्क से और अधिक मजबूत रूप से जुड़ जाएगा।

"दुर्गम क्षेत्र होने से आईं चुनौतियां"

रावघाट और आसपास का क्षेत्र घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों से घिरा हुआ है। ऐसे दुर्गम क्षेत्रों में रेल लाइन बिछाना रेलवे के लिए बड़ी चुनौती रहा। हालांकि अब सुरक्षा बलों की मौजूदगी और प्रशासनिक सहयोग से कार्य में तेजी आई है।

स्थानीय लोगों का मानना है कि रेल परियोजना पूरी होने से बस्तर क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन, रोजगार और उद्योगों को नई दिशा मिलेगी। वहीं यात्रियों को भी आवागमन की बेहतर सुविधा प्राप्त होगी।

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