जगदलपुर : महान स्वतंत्रता सेनानी तात्या टोपे की पुण्यतिथि पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। उ...
जगदलपुर : महान स्वतंत्रता सेनानी तात्या टोपे की पुण्यतिथि पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।
उन्होंने कहा कि तात्या टोपे, जिनका वास्तविक नाम रामचंद्र पांडुरंग था, 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नेताओं में शामिल थे। उन्होंने नाना साहब के साथ मिलकर अंग्रेजों के खिलाफ कई महत्वपूर्ण युद्ध लड़े और अपनी सैन्य रणनीति व साहस का परिचय दिया। कानपुर, झांसी और ग्वालियर जैसे क्षेत्रों में उन्होंने अंग्रेजों को कड़ी टक्कर दी।
पूर्व मंत्री ने बताया कि रानी लक्ष्मीबाई के साथ मिलकर तात्या टोपे ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। विश्वासघात के चलते वे 1859 में गिरफ्तार हुए और 18 अप्रैल 1859 को शिवपुरी में उन्हें फांसी दी गई।
उन्होंने कहा कि तात्या टोपे का बलिदान भारतीय इतिहास में अमिट है और उनकी पुण्यतिथि हमें देशभक्ति, साहस और त्याग की प्रेरणा देती है। युवा पीढ़ी को उनके आदर्शों को अपनाकर राष्ट्र सेवा के लिए आगे आना चाहिए।


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