Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

Classic Header

{fbt_classic_header}

Top Ad

ब्रेकिंग :

latest

इंद्रावती टाइगर रिजर्व में ‘रासपरब’ का जागरूकता अभियान, नक्सल प्रभाव वाले इलाकों में बदली तस्वीर

  "इंद्रावती टाइगर रिजर्व में ‘रासपरब’ का जागरूकता अभियान, नक्सल प्रभाव वाले इलाकों में बदली तस्वीर " जगदलपुर/बीजापुर: नक्सलवाद के...

 


"इंद्रावती टाइगर रिजर्व में ‘रासपरब’ का जागरूकता अभियान, नक्सल प्रभाव वाले इलाकों में बदली तस्वीर"

जगदलपुर/बीजापुर:

नक्सलवाद के प्रभाव में रहे बीजापुर जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में अब बदलाव की सकारात्मक बयार देखने को मिल रही है। जहां कभी नक्सलियों की चेतना नाट्य मंडलियां लाल आतंक का प्रचार करती थीं, वहीं अब उन्हीं क्षेत्रों में सामाजिक और पर्यावरणीय जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।


इंद्रावती टाइगर रिजर्व और सामान्य वन मंडल के अंतर्गत आने वाले गांवों और हॉट बाजारों में ‘रासपरब’ सांस्कृतिक संस्था द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से वन एवं वन्य प्राणी संरक्षण, अग्नि सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।


ग्रामीण इलाकों में पहली बार इस तरह के आयोजनों को लेकर उत्साह का माहौल है। पहले जहां नक्सलियों के दबाव में लोगों को कार्यक्रमों में शामिल होना पड़ता था, वहीं अब ग्रामीण स्वेच्छा से बड़ी संख्या में इन जागरूकता कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझ रहे हैं।

नाट्य मंचन से दिया जा रहा संदेश

निर्माता-निर्देशक आशुतोष प्रसाद एवं राकेश यादव के नेतृत्व में ‘रासपरब’ संस्था के कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक के जरिए ग्रामीणों को जंगलों और वन्य जीवों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रमों में बताया गया कि वनों के विनाश से पर्यावरण असंतुलन, जल संकट और भूमि क्षरण जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती हैं।

ग्रामीणों को महुआ संग्रह के दौरान पेड़ों के नीचे आग नहीं लगाने, तेंदूपत्ता तोड़ाई में सावधानी बरतने और पारंपरिक शिकार प्रथाओं से दूर रहने की अपील की गई। साथ ही यह भी बताया गया कि जंगलों में आग लगाना गंभीर अपराध है और ऐसी स्थिति में तत्काल वन विभाग को सूचना देने के साथ आग बुझाने में सहयोग करना आवश्यक है।

कई गांवों और हॉट बाजारों में आयोजन



यह जागरूकता अभियान भोपालपटनम, भैरमगढ़, कुटरू, बीजापुर सहित दर्जनों गांवों और हॉट बाजारों—जिनमें कई स्थान ऐसे हैं जहां वर्षों बाद बाजार फिर से शुरू हुए हैं—में आयोजित किया गया। इन कार्यक्रमों में हिंदी, हल्बी, गोंडी और तेलुगु भाषाओं के माध्यम से स्थानीय लोगों को समझाया गया।

प्रशासन और वन विभाग का सहयोग

यह अभियान छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की मंशा के अनुरूप संचालित किया गया। प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण पांडे, मुख्य वन संरक्षक स्टाइलो मण्डावी तथा उप निदेशक संदीप बलगा के मार्गदर्शन में कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।

ग्रामीणों की सराहना

नुक्कड़ नाटक में सविता रामटेक, उर्वशी कश्यप, रुक्मणि साहू, जानवी निषाद, सागर बघेल सहित अन्य कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से ग्रामीणों को प्रभावित किया। स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव का संकेत बताया।

अब इन इलाकों में जहां कभी भय और आतंक का माहौल था, वहां पर्यावरण संरक्षण और विकास की नई चेतना जागृत होती दिखाई दे रही है।

कोई टिप्पणी नहीं

Girl in a jacket