• जलकर बकाएदार को एकमुश्त ब्याज की राशि 100% माफ करने सिर्फ घोषणा तक सीमित,आदेश तब्दील कराने में पूरी तरह फेल है महापौर : राजेश चौधरी जगदल...
• जलकर बकाएदार को एकमुश्त ब्याज की राशि 100% माफ करने सिर्फ घोषणा तक सीमित,आदेश तब्दील कराने में पूरी तरह फेल है महापौर : राजेश चौधरी
जगदलपुर : नगर निगम जगदलपुर के नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि महापौर ने नगर वासियों को बकाया जल कर में ब्याज की राशि को 100% माफ करते हुए हितग्राहियों को लाभ देने की बात की थी जिसके लिए हितग्राहियों को 30 अप्रैल तक का समय निर्धारित किया गया है परंतु जो हितग्राही बकायेदार हैं वह जब राशि जमा करने के लिए जा रहे हैं तो कर्मचारियों के द्वारा माफ करने वाला आदेश अभी तक नहीं मिला है कह रहे हैं ऐसे में वह हितग्राही दुविधा में है की महापौर के द्वारा की गई घोषणा सही है या सिर्फ घोषणा मात्र है क्योंकि ब्याज माफी के लिए (MIC) महापौर परिषद एवं सामान्य सभा से पारित करते हुए जनता को लाभ दिया जा सकता है परंतु आज दिनांक तक वह आदेश जल कर विभाग में नहीं दी गई है क्योंकि महापौर के द्वारा जो भी घोषणा की जा रही है वादे किए जा रहे हैं एक के बाद एक सारे झूठे साबित हो रहे हैं इस वजह से हितग्राही असमंजस में है इस विषय को लेकर कर्मचारी से बात करने पर स्पष्ट रूप से कहा गया की भैया वित्तीय मामला है बिना आदेश के कैसे किया जा सकता है और अधिकारी से बात करने पर उनके द्वारा कहा गया की मूल रकम लेकर रसीद दी जाएगी और ब्याज का रकम उनके खाते में शेष दर्शाएगा जब आदेश आ जाएगा तो वह राशि माफ की जा सकेगी प्रशासनिक जवाब से यह तो स्पष्ट हो रहा है कि लगभग 20 मार्च 2026 को महापौर के द्वारा की गई घोषणा में क्योंकि अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2026 तय की गई है फिर भी आज 21 अप्रैल 2026 तक आदेश नहीं होना महापौर का घोषणा जुमले जैसा प्रतीत हो रहा है महापौर को जब जनता से दर बढ़ाकर वसूली करना होता है तो तत्काल प्रभाव से लागू हो जाता है 300 में दी जाने वाली टैंकर 500 में दी जा रही है 500 में दी जाने वाली टैंकर 1000 में दी जा रही हैआदि बढ़ाए गए दरों को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया और सदन में विपक्ष के विरोध के बाद भी बहुमत से लागू किया गया। फिर जब जनता को लाभ देने की बात आती है तो महापौर जी का बहुमत कहां जाता है? यहां वह तत्काल कार्यवाही क्यों नहीं करवाते इससे स्पष्ट होता है कि महापौर के नियत में खोट है महापौर घोषणा कर सकते हैं पर तत्काल प्रभाव से आदेश को लागू नहीं करवा सकते इससे पता चलता है कि महापौर की कार्य शैली कैसे हैं और वह जनता के प्रति कितने सक्रिय हैं उनकी सक्रियता जिस प्रकार से रेट बढ़ा कर लेने की थी यदि उसी प्रकार से ब्याज कम करने के प्रति होती तो आज शहर की जनता को अपना ब्याज माफ करवाने के लिए कार्यालय में भटकना नहीं पड़ता। महापौर के इस कृत्य से स्पष्ट है कि भारतीय जनता पार्टी की कथनी और करनी में फर्क है। क्योंकि यह विषय आम नागरिकों को लाभ पहुंचाने वाला विषय है इसलिए महापौर जी से इस विज्ञप्ति के माध्यम से आग्रह करता हूं कि 30 अप्रैल 2026 जो तारीख निश्चित है उसे बढ़ाकर 30 जुलाई 2026 तक किया जाए तथा तत्काल प्रभाव से ब्याज माफ करने के आदेश को लागू कराया जाए अन्यथा महापौर जी और उनकी टीम को शहर की जनता से क्षमा याचना करना चाहिए।


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