खैरागढ़ में सजी सांस्कृतिक रंगभूमि: 'ऑक्टेव 25' में 280 कलाकारों ने बिखेरा कला का जादू: खैरागढ़, छत्तीसगढ़ : इंदिरा कला संगीत विश...
खैरागढ़ में सजी सांस्कृतिक रंगभूमि: 'ऑक्टेव 25' में 280 कलाकारों ने बिखेरा कला का जादू:
खैरागढ़, छत्तीसगढ़ : इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में आयोजित 'ऑक्टेव 25' महोत्सव ने कला प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। तीन दिवसीय इस भव्य आयोजन में 8 राज्यों के कलाकारों ने अपनी लोककला, नृत्य, संगीत और व्यंजनों की विविधता से दर्शकों को मोहित किया।
संस्कृति का संगम:
इस महोत्सव का आयोजन दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, नागपुर और संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से हुआ। 280 से अधिक कलाकारों ने लोकनृत्य, शास्त्रीय गायन, वाद्य संगीत और पारंपरिक व्यंजनों का प्रदर्शन किया, जिससे खैरागढ़ एक सांस्कृतिक केंद्र के रूप में जगमगा उठा।
लोककलाओं की धूम:
कार्यक्रम में तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और गोवा के लोक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। घुमर, लावणी, गोंड नृत्य और कथक जैसी नृत्य शैलियों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। साथ ही, लोकगीतों और वाद्य संगीत की गूंज से माहौल संगीतमय बन गया।
पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद:
इस महोत्सव में विभिन्न राज्यों के पारंपरिक व्यंजनों का भी विशेष प्रदर्शन किया गया। दर्शकों ने महाराष्ट्र के पूरनपोली, कर्नाटक के मैसूर पाक, छत्तीसगढ़ के चीला और गोवा के सीफूड का लुत्फ उठाया।
कला के प्रति बढ़ती रुचि:
इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के कुलपति ने कहा, "यह महोत्सव न केवल लोककलाओं को संरक्षित करने का माध्यम है, बल्कि युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का भी एक प्रयास है।"
खैरागढ़ में आयोजित यह महोत्सव भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत को सहेजने और साझा करने का जीवंत उदाहरण बन गया।
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