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मसाला उद्योग से जशपुर की माधुरी निकुंज बनीं लखपति दीदी, सालाना लगभग डेढ़ लाख आय

2 नवंबर 2026 | जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड की श्रीमती माधुरी निकुंज ने बिहान और पीएमएफएमई योजना के सहयोग से मसाला उद्योग शुरू किया। सा...

2 नवंबर 2026 | जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड की श्रीमती माधुरी निकुंज ने बिहान और पीएमएफएमई योजना के सहयोग से मसाला उद्योग शुरू किया। सालाना लगभग डेढ़ लाख रुपये की आय।

(फ़ोटो: जनसंपर्क विभाग, छत्तीसगढ़)
मुख्य बातें
  • माधुरी निकुंज ने बिहान और पीएमएफएमई योजना की मदद से मसाला उद्योग शुरू किया
  • कुल 4 लाख 40 हजार रुपये की वित्तीय सहायता मिली
  • व्यवसाय से सालाना लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये की आय हो रही है

जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड अंतर्गत ग्राम खुटगांव की श्रीमती माधुरी निकुंज ने शासकीय योजनाओं के सहयोग से मसाला उद्योग स्थापित किया है। जनसंपर्क विभाग छत्तीसगढ़ की विज्ञप्ति के अनुसार वे इस व्यवसाय से प्रतिवर्ष लगभग डेढ़ लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं और इसी आधार पर उन्हें लखपति दीदी के रूप में पहचान मिली है।

माधुरी निकुंज वर्ष 2017 में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन 'बिहान' से जुड़ीं। स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें बचत, बैंक लिंकेज और स्वरोजगार की वित्तीय सुविधाओं का लाभ मिला। इसके बाद उन्होंने मसाला निर्माण व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया।

बिहान योजना के तहत बैंक लिंकेज से उन्हें 3 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिली। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) से 1 लाख 40 हजार रुपये का सहयोग मिला। दोनों योजनाओं से कुल 4 लाख 40 हजार रुपये की सहायता लेकर उन्होंने मसाला उद्योग की शुरुआत की।

विज्ञप्ति के अनुसार, इस आमदनी से वे परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में योगदान दे रही हैं। उनके व्यवसाय को खाद्य प्रसंस्करण का उदाहरण बताया गया है, जिससे ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय स्तर पर उद्यम स्थापित करने की प्रेरणा मिल रही है।

राज्य सरकार के अनुसार, बिहान के माध्यम से महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर बचत, ऋण और आजीविका के अवसर दिए जा रहे हैं। पीएमएफएमई योजना के जरिए खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े छोटे उद्यमों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

स्रोत: जनसंपर्क विभाग, छत्तीसगढ़

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