2 नवंबर 2026 | छत्तीसगढ़ में मजदूरी संहिता (छत्तीसगढ़) नियम, 2026 राजपत्र में प्रकाशित होकर लागू हो गए हैं। न्यूनतम वेतन और वेतन भुगतान की...
2 नवंबर 2026 | छत्तीसगढ़ में मजदूरी संहिता (छत्तीसगढ़) नियम, 2026 राजपत्र में प्रकाशित होकर लागू हो गए हैं। न्यूनतम वेतन और वेतन भुगतान की व्यवस्था नए कानूनी ढांचे में आई है।

- मजदूरी संहिता (छत्तीसगढ़) नियम, 2026 राजपत्र (असाधारण) में 28 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित
- प्रकाशन के साथ नियम प्रभावी; न्यूनतम वेतन नियम, 1958 और वेतन भुगतान नियम, 1962 प्रतिस्थापित
- प्रारूप पर 45 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव लिए गए थे
छत्तीसगढ़ में मजदूरी से संबंधित नई कानूनी व्यवस्था लागू हो गई है। श्रम विभाग ने मजदूरी संहिता, 2019 के अंतर्गत मजदूरी संहिता (छत्तीसगढ़) नियम, 2026 की अंतिम अधिसूचना 28 अक्टूबर 2026 को राजपत्र (असाधारण) में प्रकाशित की है। राजपत्र में प्रकाशन के साथ ही ये नियम प्रभावी हो गए हैं।
नई नियमावली से राज्य में न्यूनतम वेतन और वेतन भुगतान से जुड़ी व्यवस्थाएं नए कानूनी ढांचे के अंतर्गत व्यवस्थित की गई हैं। इसके साथ न्यूनतम वेतन (छत्तीसगढ़) नियम, 1958 और छत्तीसगढ़ वेतन भुगतान नियम, 1962 को प्रतिस्थापित किया गया है।
श्रम विभाग ने इन नियमों का प्रारूप 13 अप्रैल 2026 को राजपत्र में प्रकाशित किया था। इस पर आम नागरिकों, श्रमिक संगठनों, नियोक्ताओं और संबंधित हितधारकों से 45 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव मांगे गए थे। प्राप्त सुझावों और आपत्तियों पर विचार के बाद अंतिम नियम अधिसूचित किए गए हैं।
नई मजदूरी संहिता के तहत वेतन निर्धारण, न्यूनतम मजदूरी, वेतन भुगतान, बोनस और श्रमिकों से जुड़े अन्य वैधानिक प्रावधानों के लिए राज्य स्तर पर नियम तय किए गए हैं।
विभाग के अनुसार, इस व्यवस्था से राज्य में श्रमिकों के वेतन संबंधी अधिकारों की सुरक्षा और नियोक्ताओं की वैधानिक जिम्मेदारियों के पालन के लिए एक व्यवस्थित कानूनी आधार मिलेगा।
स्रोत: जनसंपर्क विभाग, छत्तीसगढ़

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