2 नवंबर 2026 | रायगढ़ जिले के डूमरमुड़ा गांव की सरस्वती स्व-सहायता समूह की 10 महिलाएं बिहान योजना के तहत रेडी-टू-ईट पोषण आहार बना रही हैं ...
2 नवंबर 2026 | रायगढ़ जिले के डूमरमुड़ा गांव की सरस्वती स्व-सहायता समूह की 10 महिलाएं बिहान योजना के तहत रेडी-टू-ईट पोषण आहार बना रही हैं और हर महीने करीब 50 हजार रुपये मुनाफा कमा रही हैं।

- डूमरमुड़ा की सरस्वती समूह की 10 महिलाएं रेडी-टू-ईट पोषण आहार बना रही हैं
- समूह को हर महीने करीब 50 हजार रुपये का मुनाफा हो रहा है
- जिले के 2,709 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 10 समूहों का चयन हुआ है
रायगढ़ जिले के डूमरमुड़ा गांव की सरस्वती स्व-सहायता समूह की 10 महिलाएं बिहान योजना के तहत रेडी-टू-ईट पोषण आहार बना रही हैं। समूह को हर महीने करीब 50 हजार रुपये का मुनाफा हो रहा है। जनसंपर्क विभाग, छत्तीसगढ़ की विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बना रही है।
अप्रैल 2026 से समूह को रेडी-टू-ईट निर्माण का काम मिला है। इसके बाद समूह की महिलाओं की आजीविका को नियमित आधार मिला है। पहले ये महिलाएं मुख्य रूप से घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित थीं। अब वे उत्पादन, गुणवत्ता, पैकेजिंग और वितरण का काम संभाल रही हैं।
समूह की महिलाएं गेहूं, चना, सोयाबीन सहित अन्य सामग्री की मशीनों से सफाई करती हैं। इसके बाद भुनाई, पिसाई और छनाई की जाती है। सभी सामग्री निर्धारित अनुपात में मिक्सिंग मशीन में मिलाई जाती है और फिर उसकी पैकिंग होती है। आंगनबाड़ी केंद्रों से मिले मांगपत्र के अनुसार इसका वितरण किया जाता है।
समूह की सदस्य चम्पा चौहान के अनुसार, नियमित आमदनी से महिलाएं अपनी जरूरतें पूरी कर पा रही हैं और दूसरों पर निर्भर नहीं हैं। वे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ घर के फैसलों में भी भागीदारी बढ़ा रही हैं।
रायगढ़ जिले में जिले के कुल 2,709 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 10 महिला स्व-सहायता समूहों का चयन किया गया है। इन समूहों को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के अंतर्गत पूंजीगत सब्सिडी भी दी जा रही है।
स्रोत: जनसंपर्क विभाग, छत्तीसगढ़

कोई टिप्पणी नहीं