• NSUI जिलाध्यक्ष विशाल खंबारी का आरोप, परिवीक्षाधीन सह-प्राध्यापक को प्रशासनिक जिम्मेदारी देने और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े Application ID प...
• NSUI जिलाध्यक्ष विशाल खंबारी का आरोप, परिवीक्षाधीन सह-प्राध्यापक को प्रशासनिक जिम्मेदारी देने और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े Application ID पर कुलपति स्पष्ट करें स्थिति :
जगदलपुर : शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर में प्रशासनिक निर्णयों और भर्ती प्रक्रिया को लेकर NSUI ने सवाल उठाए हैं। NSUI बस्तर जिलाध्यक्ष विशाल खंबारी ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय में नियमों और प्रशासनिक व्यवस्था को दरकिनार कर मनमाने निर्णय लिए जा रहे हैं। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए आरोपों पर विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष सामने नहीं आया है।
विशाल खंबारी के अनुसार, पिछले वर्ष की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से नियुक्त सह-प्राध्यापक अभिषेक अवस्थी, जो अभी परिवीक्षाधीन अवधि में हैं, उन्हें नोटशीट के माध्यम से प्रभारी कुलसचिव की जिम्मेदारी दी गई है। NSUI ने सवाल उठाया कि अध्यापन के लिए नियुक्त सह-प्राध्यापक को पढ़ाने के बजाय इतनी महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी देने का आधार और नियम क्या है।
खंबारी ने कहा कि विश्वविद्यालय में डिप्टी रजिस्ट्रार और असिस्टेंट रजिस्ट्रार जैसे प्रशासनिक अधिकारी मौजूद हैं। इसके बावजूद एक परिवीक्षाधीन सह-प्राध्यापक को कुलसचिव का प्रभार दिए जाने के निर्णय का औचित्य विश्वविद्यालय प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए।
• भर्ती प्रक्रिया से जुड़े Application ID पर सवाल :
NSUI जिलाध्यक्ष ने विश्वविद्यालय में चल रही भर्ती प्रक्रिया में सामने आए एक Application ID को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह Application ID प्रभारी कुलसचिव की पत्नी से संबंधित बताई जा रही है।
खंबारी के मुताबिक, संबंधित Application ID में अभ्यर्थी का नाम दर्ज नहीं है और दावा-आपत्ति सूची में भी संबंधित नाम सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि NSUI का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष पर बिना प्रमाण आरोप लगाना नहीं है, बल्कि भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर स्थिति स्पष्ट कराना है।
उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि बताया जाए कि उक्त Application ID किस अभ्यर्थी की है और क्या प्रभारी कुलसचिव के परिवार से जुड़े किसी अभ्यर्थी का आवेदन भर्ती प्रक्रिया में शामिल है। यदि ऐसा है, तो हितों के टकराव से बचने के लिए भर्ती प्रक्रिया में क्या व्यवस्था की गई है, इसकी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की गई है।
• भर्ती प्रक्रिया की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग :
NSUI ने भर्ती प्रक्रिया से संबंधित Application ID, पात्रता, दावा-आपत्ति, मेरिट, प्राप्तांक, चयन के मापदंड और चयन समिति से जुड़ी जानकारी नियमानुसार सार्वजनिक करने की मांग की है।
खंबारी ने कहा कि सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिलना चाहिए और चयन निर्धारित नियमों तथा पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया जाना चाहिए।
• तीन साल से एक ही स्थान पर कार्यरत कर्मचारियों का मुद्दा भी उठाया :
NSUI जिलाध्यक्ष ने विश्वविद्यालय में लंबे समय से एक ही पद अथवा स्थान पर कार्यरत कर्मचारियों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि शासन की ओर से तीन वर्ष से अधिक समय से एक ही स्थान पर कार्यरत कर्मचारियों के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, तो विश्वविद्यालय प्रशासन को उनका पालन सुनिश्चित करना चाहिए और इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
“कुलपति इन सवालों का जवाब दें”
विशाल खंबारी ने कहा कि NSUI किसी व्यक्ति विशेष पर बिना प्रमाण आरोप नहीं लगा रही है, लेकिन विश्वविद्यालय के निर्णयों और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों ने सवाल जरूर खड़े किए हैं। उन्होंने कुलपति से परिवीक्षाधीन सह-प्राध्यापक को प्रभारी कुलसचिव बनाए जाने और भर्ती प्रक्रिया में संभावित हितों के टकराव से बचने के लिए की गई व्यवस्था पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा संस्थान है। NSUI भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, नियमों के पालन और जवाबदेही की मांग करती है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने की चेतावनी भी दी गई है।


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