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हॉस्पिटल की सुरक्षित जमीन पर तबेला मंजूर नहीं, जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ का होगा विरोध: संतोष सेठिया

• कोपागुड़ा में अस्पताल के लिए सुरक्षित 30 एकड़ भूमि में से 10 एकड़ तबेले के लिए देने के प्रस्ताव का विरोध, उग्र आंदोलन की चेतावनी : जगदलपुर...

कोपागुड़ा में अस्पताल के लिए सुरक्षित 30 एकड़ भूमि में से 10 एकड़ तबेले के लिए देने के प्रस्ताव का विरोध, उग्र आंदोलन की चेतावनी :

जगदलपुर : एनएमडीसी नगरनार क्षेत्र के ग्राम कोपागुड़ा में हॉस्पिटल निर्माण के लिए सुरक्षित रखी गई करीब 30 एकड़ भूमि के एक हिस्से को अन्य उद्देश्य के लिए उपयोग किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद कांग्रेस ने इसका विरोध किया है। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष नगरनार संतोष सेठिया ने क्षेत्र की जनता के साथ प्रस्तावित निर्णय का पुरजोर विरोध करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।

बताया गया है कि एनएमडीसी एवं जिला प्रशासन द्वारा हॉस्पिटल निर्माण के लिए करीब 30 एकड़ भूमि की बाउंड्री कर उसे सुरक्षित रखा गया है। अब इसी भूमि में से लगभग 10 एकड़ जमीन देवभोग दुग्ध सहकारी समिति को तबेला खोलने के लिए देने के लिए ग्राम पंचायत पर दबाव बनाए जाने का आरोप संतोष सेठिया ने लगाया है।

सेठिया ने कहा कि एनएमडीसी नगरनार क्षेत्र में लंबे समय से हॉस्पिटल की आवश्यकता महसूस की जा रही है। बड़ी आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए अन्य स्थानों पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में अस्पताल निर्माण के लिए सुरक्षित रखी गई जमीन का उपयोग किसी अन्य कार्य के लिए किया जाना क्षेत्र की जनता के हितों के खिलाफ है।

उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एनएमडीसी क्षेत्र की जनता को अस्पताल जैसी मूलभूत स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के बजाय अस्पताल के लिए सुरक्षित भूमि पर तबेला खोलने की तैयारी की जा रही है। कांग्रेस और क्षेत्र की जनता इसका विरोध करती है।


पुरानी मांगों और सहकारी समिति के मुद्दे भी उठाए

संतोष सेठिया ने कहा कि करीब डेढ़ वर्ष पहले क्षेत्र की झाड़ेश्वर सहकारी समिति एवं ग्रामीणों ने अपनी 8-9 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल और आंदोलन किया था। उनके अनुसार, इसके बावजूद समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं हुआ। सहकारी समिति से जुड़े कई मुद्दे भी पूरी तरह हल नहीं हुए और मामला मुख्य रूप से परिवहन तक सीमित रह गया।

उन्होंने एनएमडीसी प्लांट परिसर से जुड़े पर्यावरणीय मुद्दे पर भी चिंता जताई। सेठिया के अनुसार, करीब 14-15 वर्ष पहले प्लांट परिसर में लगाए गए पेड़ों के आसपास प्लांट से निकलने वाले स्लैग और डस्ट डाले जाने से पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक कार्रवाई की मांग की।


30 एकड़ जमीन केवल अस्पताल के लिए रखने की मांग

संतोष सेठिया ने कहा कि एनएमडीसी द्वारा क्षेत्र की जनता से किए गए वादे पूरे नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने एनएमडीसी एवं जिला प्रशासन से मांग की कि ग्राम कोपागुड़ा में हॉस्पिटल निर्माण के लिए सुरक्षित रखी गई करीब 30 एकड़ भूमि का उपयोग केवल हॉस्पिटल निर्माण के लिए किया जाए और इसे किसी अन्य उद्देश्य के लिए आवंटित या उपयोग न किया जाए।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अस्पताल के लिए सुरक्षित भूमि पर तबेला खोलने का प्रयास किया गया तो क्षेत्र की जनता के साथ मिलकर इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता के स्वास्थ्य, हितों और क्षेत्र के अधिकारों को लेकर संघर्ष जारी रहेगा।

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