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पोलमपल्ली पोटाकेबिन में 57 छात्राएं बीमार, अब सभी 350 छात्राओं की होगी स्वास्थ्य जांच

• उल्टी-दस्त और बुखार की शिकायत के बाद कलेक्टर अमित कुमार पहुंचे मौके पर, एसडीएम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच दल गठित : सुकमा : पोलमपल...

उल्टी-दस्त और बुखार की शिकायत के बाद कलेक्टर अमित कुमार पहुंचे मौके पर, एसडीएम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच दल गठित :

सुकमा : पोलमपल्ली के कन्या आवासीय पोटाकेबिन स्कूल में 57 छात्राओं के अचानक उल्टी-दस्त और बुखार की चपेट में आने से प्रशासन में हड़कंप मच गया। आवासीय परिसर में करीब 350 छात्राएं रहती हैं। घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर अमित कुमार मौके पर पहुंचे और स्वास्थ्य सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

बीमार छात्राओं को तत्काल उपचार के लिए दोरनापाल अस्पताल भेजा गया। बताया गया है कि उपचार के बाद कई छात्राएं स्वस्थ होकर वापस विद्यालय लौट चुकी हैं, जबकि एक छात्रा को बेहतर उपचार के लिए सुकमा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचार किया जा रहा है।

एहतियात के तौर पर अब पोटाकेबिन में रहने वाली सभी करीब 350 छात्राओं की स्वास्थ्य जांच शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम विद्यालय परिसर में कैंप लगाकर छात्राओं की जांच कर रही है। किसी अन्य छात्रा में बीमारी के लक्षण मिलने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर अमित कुमार ने विद्यालय पहुंचकर छात्राओं से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को उपचार और स्वास्थ्य निगरानी की व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने परिसर की साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, भोजन की गुणवत्ता और फर्स्ट एड किट में उपलब्ध दवाओं की भी जानकारी ली। आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

मामले की जांच के लिए एसडीएम सुभाष शुक्ला की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया गया है। जांच दल छात्राओं के बीमार होने के कारणों का पता लगाएगा और भोजन, पेयजल, स्वच्छता तथा अन्य व्यवस्थाओं की जांच करेगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की जवाबदेही और कार्रवाई तय की जाएगी।

बारिश के मौसम में छात्रावासों और आवासीय विद्यालयों में जलजनित बीमारियों और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में पेयजल की गुणवत्ता, भोजन की स्वच्छता और खाद्य सामग्री की नियमित जांच जरूरी मानी जाती है। फिलहाल प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है और सभी छात्राओं की स्वास्थ्य जांच जारी है।

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