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पितृ पक्ष में गणपति विसर्जन रोकने की मांग, सक्षम ने सौंपा ज्ञापन

• धार्मिक परंपराओं एवं पितृ पक्ष की मर्यादा बनाए रखने प्रशासन से आवश्यक व्यवस्था की मांग : जगदलपुर : पितृ पक्ष की धार्मिक एवं आध्यात्मिक मर...

धार्मिक परंपराओं एवं पितृ पक्ष की मर्यादा बनाए रखने प्रशासन से आवश्यक व्यवस्था की मांग :

जगदलपुर : पितृ पक्ष की धार्मिक एवं आध्यात्मिक मर्यादा को बनाए रखने तथा इस अवधि में गणपति विसर्जन किए जाने की परंपरा पर रोक लगाने की मांग को लेकर ‘सक्षम’ सनातन क्षेत्रीय मंच ने नगर पुलिस अधीक्षक, जगदलपुर को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन संगठन के नगर अध्यक्ष दिलीश जोशी ने नगर पुलिस अधीक्षक को सौंपा। संगठन ने प्रशासन से आग्रह किया कि गणपति उत्सव समितियों को विसर्जन की तिथियों और धार्मिक परंपराओं के संबंध में समय रहते आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएं, ताकि डीजे, जुलूस अथवा अन्य व्यवस्थागत कारणों से गणपति विसर्जन की तिथि पितृ पक्ष तक आगे न बढ़े।


पितृ पक्ष की धार्मिक मर्यादा का सम्मान जरूरी

संगठन ने कहा कि सनातन धर्म में पितृ पक्ष अथवा श्राद्ध पक्ष का विशेष महत्व है। यह अवधि दिवंगत पूर्वजों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और स्मरण का समय मानी जाती है। इस दौरान परिवारों द्वारा श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान सहित विभिन्न धार्मिक कृत्य किए जाते हैं।


‘सक्षम’ ने कहा कि ऐसे धार्मिक कालखंड में अन्य उत्सवों एवं उनके सार्वजनिक आयोजनों को आगे बढ़ाने के बजाय पितृ कर्म की मर्यादा और धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए।


संगठन ने स्पष्ट किया कि गणपति उत्सव या भगवान श्री गणेश की आराधना का विरोध उसका उद्देश्य नहीं है। संगठन की मांग है कि गणपति स्थापना से विसर्जन तक की धार्मिक प्रक्रिया सनातन परंपराओं एवं पंचांग के अनुरूप संपन्न हो।


डीजे और सुविधाओं के कारण धार्मिक तिथियां न बदलें

संगठन के अनुसार कई बार विसर्जन के लिए डीजे, जुलूस या अन्य व्यवस्थाओं की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए तिथि आगे बढ़ाई जाती है। ऐसी स्थिति में यदि विसर्जन पितृ पक्ष में पहुंचता है तो धार्मिक परंपराओं को लेकर असमंजस की स्थिति बन सकती है।


ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से मांग की गई कि गणपति उत्सव समितियों के साथ पहले से समन्वय कर विसर्जन के लिए पर्याप्त सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और अन्य प्रशासनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि व्यवस्थागत कारणों से विसर्जन की तिथि आगे बढ़ाने की आवश्यकता न पड़े।


धार्मिक आयोजनों के लिए पूर्व समन्वय की मांग

‘सक्षम’ एवं सनातन क्षेत्रीय मंच ने प्रशासन से आग्रह किया कि धार्मिक आयोजनों से जुड़े दिशा-निर्देश तैयार करते समय स्थानीय धार्मिक विद्वानों, पुरोहितों और आयोजन समितियों के साथ समन्वय किया जाए। इससे धार्मिक परंपराओं की मर्यादा बनाए रखने के साथ आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न किए जा सकेंगे।


नगर अध्यक्ष दिलीश जोशी ने कहा कि संगठन का उद्देश्य किसी धार्मिक आयोजन में बाधा उत्पन्न करना नहीं, बल्कि सनातन धार्मिक परंपराओं और पितृ पक्ष की गरिमा का सम्मान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सुविधा और व्यवस्था महत्वपूर्ण हैं, लेकिन धार्मिक आयोजनों की तिथियां निर्धारित करते समय धार्मिक मान्यताओं एवं परंपराओं को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।


संगठन ने उम्मीद जताई कि नगर पुलिस प्रशासन इस विषय को गंभीरता से लेते हुए गणपति उत्सव समितियों के साथ समन्वय कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेगा, ताकि आगामी गणपति विसर्जन धार्मिक मर्यादा, शांति और सुव्यवस्थित व्यवस्था के साथ संपन्न हो।

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