"राज्य सूचना आयोग की पहल, जनसूचना अधिकारियों और पंचायत सचिवों को मिलेगा सूचना का अधिकार अधिनियम का व्यावहारिक प्रशिक्षण" जगदलपुर...
"राज्य सूचना आयोग की पहल, जनसूचना अधिकारियों और पंचायत सचिवों को मिलेगा सूचना का अधिकार अधिनियम का व्यावहारिक प्रशिक्षण"
जगदलपुर, 10 जुलाई 2026। सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा आरटीआई आवेदनों एवं अपीलों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निपटारे के उद्देश्य से बस्तर संभाग में 29 जुलाई 2026 को मास्टर ट्रेनर्स का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग एवं ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान, निमोरा (रायपुर) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य विभागीय अधिकारियों एवं पंचायत स्तर के कर्मचारियों की क्षमता का विकास करना है, ताकि आम नागरिकों को सूचना प्राप्त करने में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
यह प्रशिक्षण 29 जुलाई को प्रातः 10 बजे से कमिश्नर बस्तर संभाग कार्यालय, जगदलपुर के सभाकक्ष में आयोजित होगा। इसमें बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों से लगभग 60 प्रतिभागी शामिल होंगे। प्रशिक्षण में जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, प्रथम अपीलीय अधिकारी, विभिन्न विभागों के जनसूचना अधिकारी तथा चयनित ग्राम पंचायतों के सचिव भाग लेंगे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेष रूप से ग्राम पंचायत सचिवों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जाएगा, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सूचना का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचा सकें। इससे आरटीआई आवेदनों के समयबद्ध निराकरण और द्वितीय अपीलों की संख्या में कमी लाने में भी सहायता मिलेगी।
बस्तर संभाग के कमिश्नर डोमन सिंह ने संभाग के सभी जिलों के कलेक्टरों तथा जिला एवं जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रशिक्षण के लिए पात्र प्रतिभागियों का चयन कर उनके नाम शीघ्र भेजे जाएं, ताकि प्रशिक्षण का लाभ अधिक से अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मिल सके।
राज्य सूचना आयोग का मानना है कि सूचना का अधिकार अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन तभी संभव है, जब जनसूचना अधिकारियों एवं संबंधित कर्मचारियों को कानून के प्रावधानों, समय-सीमा, अपील प्रक्रिया तथा पारदर्शिता संबंधी दायित्वों का समुचित प्रशिक्षण प्राप्त हो। इसी उद्देश्य से यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।


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