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नेगीगुड़ा में पीलिया की दस्तक, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर; 377 घरों का सर्वे, राहत एवं उपचार अभियान तेज

  "नेगीगुड़ा में पीलिया की दस्तक, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर; 377 घरों का सर्वे, राहत एवं उपचार अभियान तेज"  "कलेक्टर आकाश...

 

"नेगीगुड़ा में पीलिया की दस्तक, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर; 377 घरों का सर्वे, राहत एवं उपचार अभियान तेज"


 "कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देश पर दो विशेष स्वास्थ्य टीमें सक्रिय, क्लोरीन टैबलेट, ओआरएस और जिंक का वितरण जारी"

जगदलपुर, 09 जुलाई 2026।(रोमेश नामदेव) जगदलपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत घाटपदमुर अंतर्गत ग्राम नेगीगुड़ा में पीलिया (जॉन्डिस) के संभावित मामलों की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट हो गया है। जिला प्रशासन के निर्देश पर प्रभावित क्षेत्र में युद्धस्तर पर राहत, उपचार और रोकथाम संबंधी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार गांव में डेरा डालकर स्थिति पर नजर बनाए हुए है।


स्वास्थ्य विभाग ने मौसमी बीमारी को नियंत्रित करने के उद्देश्य से दो विशेष चिकित्सा दलों की तैनाती की है। इन टीमों ने गांव में घर-घर पहुंचकर 377 परिवारों का विस्तृत स्वास्थ्य सर्वेक्षण किया। सर्वे के दौरान मिले संभावित मरीजों का तत्काल स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा उन्हें आवश्यक दवाइयों के साथ चिकित्सकीय परामर्श भी उपलब्ध कराया गया।

बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए मितानिन कार्यकर्ताओं के सहयोग से प्रत्येक घर में क्लोरीन टैबलेट, जिंक की गोलियां और ओआरएस पाउडर वितरित किए गए। वहीं गांव के पेयजल स्रोतों, विशेषकर कुओं में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कर पानी को सुरक्षित बनाने की कार्रवाई भी की गई। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि दूषित पानी पीलिया फैलने का प्रमुख कारण हो सकता है, इसलिए पेयजल स्रोतों की विशेष निगरानी की जा रही है।

संक्रमण के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए प्रभावित क्षेत्र से पानी के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) के अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा सभी जल स्रोतों की तत्काल सफाई कराने के निर्देश दिए हैं।

स्वास्थ्य विभाग के इस विशेष अभियान में चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य कार्यकर्ता और मितानिन दीदियां लगातार ग्रामीणों के बीच रहकर जागरूकता फैला रही हैं। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक, महामारी नियंत्रण के नोडल अधिकारी एवं प्रभारी चिकित्सा अधिकारी कुम्हरावंड डॉ. वीरेंद्र ठाकुर, नानगुर के प्रभारी बीएमओ डॉ. आर.एस. भंवर तथा एपिडिमोलॉजिस्ट दीपक पाणिग्रही सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएमएचओ डॉ. संजय बसाक ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और सतर्कता बरतें। उन्होंने लोगों से हमेशा उबला और छना हुआ पानी पीने, स्वच्छता बनाए रखने तथा यदि किसी व्यक्ति में उल्टी, दस्त, आंखों या पेशाब में पीलापन जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र, स्वास्थ्य शिविर अथवा मितानिन कार्यकर्ता से संपर्क कर उपचार शुरू कराने की सलाह दी है।

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और एहतियाती उपायों के साथ लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि बीमारी का फैलाव रोका जा सके।


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