Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

Classic Header

{fbt_classic_header}

Top Ad

ब्रेकिंग :

latest

बकावंड के पांच गांवों में उत्साह से मनाया गया जल अर्पण दिवस, ग्रामीणों ने जल संरक्षण का लिया संकल्प

  "बकावंड के पांच गांवों में उत्साह से मनाया गया जल अर्पण दिवस, ग्रामीणों ने जल संरक्षण का लिया संकल्प" जगदलपुर, 30 जून 2026। बस्त...

 


"बकावंड के पांच गांवों में उत्साह से मनाया गया जल अर्पण दिवस, ग्रामीणों ने जल संरक्षण का लिया संकल्प"


जगदलपुर, 30 जून 2026। बस्तर जिले के विकासखंड बकावंड अंतर्गत ग्राम जैतगिरी, सरगीपाल, गिरोला, डुरकाबेड़ा एवं बदलावंड में जल अर्पण दिवस उत्साह और जनभागीदारी के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों एवं महिला जल वाहिनी की सदस्याओं ने भाग लेकर जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का संकल्प लिया। इस दौरान वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों के संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने जल संकट से निपटने के लिए वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा देने, डबरी एवं तालाब निर्माण को प्रोत्साहित करने तथा जल संसाधनों के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने का निर्णय लिया। साथ ही पेयजल स्रोतों के आसपास सोख्ता गड्ढों का निर्माण, घरों से निकलने वाले उपयोग किए गए पानी का साग-सब्जी की बाड़ियों में पुनः उपयोग तथा गांवों में स्वच्छता बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण उपायों को अपनाने का संकल्प भी लिया गया।

जल अर्पण दिवस के अवसर पर महिला जल वाहिनी की सदस्याओं ने जल संरक्षण एवं पर्यावरण सुरक्षा का संदेश देते हुए ग्रामीणों के साथ जागरूकता रैली निकाली। रैली के माध्यम से लोगों को पानी की प्रत्येक बूंद का महत्व समझाया गया तथा प्राकृतिक जल स्रोतों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम में जल जीवन मिशन की आईईसी विशेषज्ञ ज्योत्सना सूना ने ग्रामीणों को जल संरक्षण के विभिन्न उपायों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जल स्रोतों के आसपास स्वच्छता बनाए रखना, सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल का उपयोग करना, जल संसाधनों का संरक्षण करना तथा नियमित रूप से जल कर का भुगतान करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

उन्होंने ग्रामीणों को सोख्ता गड्ढों के निर्माण, किचन गार्डन विकसित करने, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने तथा अधिक से अधिक पौधरोपण कर उनकी नियमित देखभाल करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यदि समाज के सभी लोग मिलकर जल संरक्षण के लिए कार्य करें तो भविष्य में जल संकट जैसी समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है।


कार्यक्रम में पांचों ग्राम पंचायतों के सरपंच, पंचायत प्रतिनिधि, महिला जल वाहिनी की सदस्याएं तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सामुदायिक सहभागिता से आयोजित यह कार्यक्रम जल संरक्षण के प्रति ग्रामीणों की बढ़ती जागरूकता और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति उनकी जिम्मेदारी का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया।

कोई टिप्पणी नहीं

Girl in a jacket