"विशेष सत्र में तीखी बहस के बाद निंदा प्रस्ताव पारित, विपक्ष का बहिष्कार—महिला कांग्रेस ने पुतला दहन कर सरकार पर साधा निशाना" जग...
"विशेष सत्र में तीखी बहस के बाद निंदा प्रस्ताव पारित, विपक्ष का बहिष्कार—महिला कांग्रेस ने पुतला दहन कर सरकार पर साधा निशाना"
जगदलपुर (रोमेश नामदेव): नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को लेकर जगदलपुर में सियासी माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। नगर पालिक निगम के विशेष सत्र से लेकर सड़कों तक महिला आरक्षण का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया जा रहा है। एक ओर निगम सभा में इस विधेयक पर तीखी बहस और निंदा प्रस्ताव पारित हुआ, वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने सभा का बहिष्कार कर दिया और महिला कांग्रेस ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया।
नगर पालिक निगम जगदलपुर के सभा कक्ष में छत्तीसगढ़ नगर पालिका निगम अधिनियम 1956 की धारा 30 के तहत विशेष सम्मिलन बैठक आयोजित की गई। इस दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में भाजपा पार्षदों और एमआईसी सदस्यों ने इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला यह विधेयक देश की आधी आबादी को राजनीतिक भागीदारी में आगे लाने का माध्यम है।
बैठक के दौरान माहौल तब गरमा गया जब कुछ पार्षदों ने संसद में विपक्ष पर महिला हितों का विरोध करने का आरोप लगाया। इस पर कांग्रेसी पार्षदों ने कड़ा विरोध जताते हुए सदन से बहिर्गमन कर दिया। अंत में बहुमत के आधार पर निंदा प्रस्ताव पारित कर दिया गया।
इसी मुद्दे पर नगर निगम की सामान्य सभा में भी सियासत तेज रही। नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा से महिला आरक्षण के पक्ष में रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा परिसीमन के नाम पर महिला आरक्षण के असली मुद्दे से ध्यान भटका रही है। चौधरी ने यह भी आरोप लगाया कि सदन में विपक्षी महिला पार्षदों को बोलने से रोका गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। विरोध स्वरूप विपक्ष ने बैठक का बहिष्कार कर दिया।
वहीं, महिला आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर महिला कांग्रेस ने शहर में विरोध प्रदर्शन किया। महिला कांग्रेस की शहर अध्यक्ष लता निषाद और ग्रामीण अध्यक्ष चंपा ठाकुर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ पुतला दहन कर आक्रोश जताया। यह प्रदर्शन प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद फुलोदेवी नेताम के निर्देश पर आयोजित किया गया।
लता निषाद ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण को लागू करने में देरी कर रही है, जिससे महिलाओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 को तत्काल लागू किया जाना चाहिए, ताकि महिलाओं को राजनीति में समान और प्रभावी भागीदारी मिल सके।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद जगदलपुर की राजनीति में महिला आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आ गया है और आने वाले समय में इस पर और सियासी घमासान देखने को मिल सकता है।





कोई टिप्पणी नहीं