महिला सशक्तिकरण पर राष्ट्रीय संगोष्ठी: नीति, शोध और जमीनी पहल पर हुआ गंभीर विमर्श पटना | 15 अप्रैल 2026 महिला सशक्त...
महिला सशक्तिकरण पर राष्ट्रीय संगोष्ठी: नीति, शोध और जमीनी पहल पर हुआ गंभीर विमर्श
पटना | 15 अप्रैल 2026
महिला सशक्तिकरण के विविध आयामों पर गहन चर्चा और नीतिगत दृष्टिकोण विकसित करने के उद्देश्य से “महिला सशक्तिकरण: बिहार के विशेष संदर्भ में” विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन सोसाइटी फॉर एम्पावरमेंट द्वारा ए. एन. सिन्हा सामाजिक अध्ययन संस्थान, पटना में किया गया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में देशभर के शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं एवं सामाजिक चिंतकों की सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। स्वागत भाषण में डॉ. ए. के. पांडेय (आईएएस सेवानिवृत्त), कुलपति, कस्तूरबा गांधी विश्वविद्यालय, गया ने महिलाओं के समावेशी और सतत सशक्तिकरण के लिए शिक्षा और संस्थागत सहयोग की अनिवार्यता पर बल दिया। वहीं, संस्था के अध्यक्ष प्रो. एस. नारायण ने सामाजिक विकास के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता और पहल को विस्तार से प्रस्तुत किया।
प्रो. अनिल के. प्रसाद ने प्रस्तावना रखते हुए महिला सशक्तिकरण को मानवाधिकार के दृष्टिकोण से व्याख्यायित किया, जबकि डॉ. राजीव के. कुमार (एएनएसआईएसएस) ने संगोष्ठी के अपेक्षित परिणामों पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता के रूप में श्री विजय प्रकाश (आईएएस सेवानिवृत्त), अध्यक्ष, बिहार विद्यापीठ ने महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए जमीनी स्तर पर ठोस पहल और नीतिगत समन्वय की आवश्यकता को रेखांकित किया।
उद्घाटन सत्र का प्रमुख आकर्षण प्रो. सचिंद्र नारायण द्वारा लिखित पुस्तक “Status of Primitive Tribal Groups of Bihar” का लोकार्पण रहा, जिसने संगोष्ठी को अकादमिक दृष्टि से और अधिक समृद्ध किया।
सांस्कृतिक प्रस्तुति के माध्यम से डॉ. शोभा कुजूर ने क्षेत्रीय परंपराओं और महिला योगदान को सशक्त रूप से मंचित किया, जिससे कार्यक्रम में सांस्कृतिक ऊर्जा का संचार हुआ।
तकनीकी सत्र में विभिन्न विशेषज्ञों ने अपने शोध और अनुभव साझा किए। डॉ. ज्योत्सना प्रसाद ने बिहार में महिला सशक्तिकरण की यात्रा का विश्लेषण प्रस्तुत किया, जबकि डॉ. प्रियंका कुमारी और कैप्टन निकिता सहाय ने महिलाओं में आत्मबल और नेतृत्व क्षमता की भूमिका पर जोर दिया। डॉ. संजय कुमार ने ग्रामीण बिहार में कृषि के स्त्रीकरण पर महत्वपूर्ण विचार रखे।
अन्य वक्ताओं में डॉ. स्मृति एस. सिंह, डॉ. राजेन्द्र के. मलिक, डॉ. श्वेता सागर, श्री तन्मय, डॉ. रंजीत कुमार और सुश्री धंश्री रामदास शामिल रहे, जिन्होंने सामुदायिक स्तर की चुनौतियों और समाधान पर अपने शोध आधारित दृष्टिकोण प्रस्तुत किए।
समापन सत्र में डॉ. एन. एन. पांडेय (आईएएस सेवानिवृत्त) ने लैंगिक समानता, आर्थिक समावेशन और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने के लिए समन्वित एवं ठोस प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. शिवानी द्वारा प्रस्तुत किया गया।
इस आयोजन की सफलता में डॉ. रुपेन्द्र कवि (मानवशास्त्री, साहित्यकार एवं समाजसेवी) की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जो सोसाइटी फॉर एम्पावरमेंट के मानद सलाहकार होने के साथ-साथ संस्था की 25वीं वर्षगांठ आयोजन समिति के सक्रिय सदस्य भी हैं।
विद्वानों, छात्रों और सिविल सोसायटी प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी के साथ यह संगोष्ठी नीति संवाद और शैक्षणिक विमर्श का एक प्रभावी मंच सिद्ध हुई।
परमालिंक: https://bhrat.4thcolumn.in/women-empowerment-national-seminar-bihar-2026
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