"राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर रायपुर में पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में पंचायतों की भूमिका अहम" र...
"राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर रायपुर में पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में पंचायतों की भूमिका अहम"
रायपुर, 24 अप्रैल 2026 राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर में आयोजित पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूती प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में गांवों के समग्र विकास का नया अध्याय लिखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय डीडीयू ऑडिटोरियम में आयोजित इस सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि उनकी सक्रियता से ही गांवों का वास्तविक विकास संभव है और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचेगा। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की शुभकामनाएं भी दीं।
मुख्यमंत्री ने अपने राजनीतिक जीवन के शुरुआती अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने पंच और सरपंच के रूप में कार्य करते हुए जमीनी स्तर पर विकास की बारीकियों को समझा। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर प्राप्त अनुभव ही जनप्रतिनिधियों को आगे बढ़ने में मार्गदर्शन देता है और आज कई जनप्रतिनिधि इसी पृष्ठभूमि से निकलकर उच्च पदों तक पहुंचे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीणों को पक्के मकान उपलब्ध हो रहे हैं, वहीं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से गांवों की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को बैंकिंग, बिजली बिल भुगतान, पेंशन एवं बीमा जैसी सुविधाएं सहज रूप से मिल रही हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिली है। महिलाओं के लिए महतारी सदन का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है, जिससे उन्हें सशक्त बनने में मदद मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की नियमित निगरानी करें, ताकि गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने जल जीवन मिशन 2.0 के तहत हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए पंचायतों की सक्रिय भागीदारी को आवश्यक बताया।
उन्होंने सुशासन तिहार के आयोजन का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए शिविर आयोजित किए जाएंगे। साथ ही मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के तहत बकाया बिजली बिलों पर सरचार्ज माफी और अतिरिक्त रियायत का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया।
राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय की अंत्योदय की भावना के अनुरूप अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और विकास कार्यों की निरंतर स्वीकृति देने की बात कही।
सम्मेलन को सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल और राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने भी संबोधित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न प्रोजेक्ट्स पर आधारित स्टॉलों का अवलोकन किया और मेगा स्वास्थ्य शिविर की पहल की सराहना की।
उन्होंने प्रोजेक्ट छांव के तहत आयोजित स्वास्थ्य शिविर, प्रोजेक्ट धड़कन, प्रोजेक्ट दधीचि, प्रोजेक्ट नैनो, प्रोजेक्ट रचना, स्मृति पुस्तकालय, प्रोजेक्ट पाई-पाई, ग्लोबल गांव, ज्ञान भारतम, प्रोजेक्ट सिग्नल, मेरा गांव मेरी पहचान, प्रोजेक्ट अजा और प्रोजेक्ट बिजनेस दीदी सहित विभिन्न नवाचारों को सराहा। साथ ही हितग्राहियों को प्रशस्ति पत्र एवं सहायता राशि का वितरण किया।
इस अवसर पर विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेंद्र साहू, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन सहित त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।




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