"महिला आरक्षण पर भाजपा फैला रही भ्रम, परिसीमन बिल को आगे बढ़ाने की थी मंशा" –" शिल्पा देवांगन" जगदलपुर, 25 अप्रैल 2026...
"महिला आरक्षण पर भाजपा फैला रही भ्रम, परिसीमन बिल को आगे बढ़ाने की थी मंशा" –" शिल्पा देवांगन"
जगदलपुर, 25 अप्रैल 2026
संभाग मुख्यालय राजीव भवन जगदलपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) की प्रवक्ता शिल्पा देवांगन ने भारतीय जनता पार्टी पर महिला आरक्षण को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य की अध्यक्षता में आयोजित इस प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से महिला आरक्षण के समर्थन में रही है और आज भी मजबूती से इसके पक्ष में खड़ी है।
शिल्पा देवांगन ने कहा कि भाजपा द्वारा यह प्रचारित किया जा रहा है कि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन नहीं किया, जिसके कारण यह संसद में पास नहीं हो सका। उन्होंने इसे पूरी तरह गलत और भ्रामक बताते हुए स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण बिल, जिसे ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023’ के नाम से जाना जाता है, संसद के दोनों सदनों में पारित हो चुका है और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून बन चुका है।
उन्होंने आरोप लगाया कि 16 अप्रैल 2026 को केंद्र सरकार द्वारा संसद में प्रस्तुत 131वां संविधान संशोधन विधेयक का महिला आरक्षण से सीधा संबंध नहीं था, बल्कि इसके माध्यम से भाजपा परिसीमन संशोधन बिल और केंद्र शासित प्रदेशों से जुड़े कानूनों में बदलाव कराना चाहती थी। उन्होंने बताया कि इस विधेयक में लोकसभा की सीटों को बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव था, जिसमें 815 सीटें राज्यों और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए निर्धारित की जानी थीं।
देवांगन ने कहा कि भाजपा सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन करना चाहती है, जबकि देश में 2026-27 की नई जनगणना प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। ऐसे में नए आंकड़ों के आधार पर परिसीमन क्यों नहीं किया जा रहा, यह सवाल उठता है। उन्होंने यह भी पूछा कि यदि सरकार महिला आरक्षण को तत्काल लागू करना चाहती है तो मौजूदा सीटों में ही 33 प्रतिशत आरक्षण क्यों नहीं दे रही।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दल महिला आरक्षण को तुरंत लागू करने के पक्ष में हैं और इसके लिए परिसीमन का इंतजार जरूरी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की मंशा महिला सशक्तिकरण नहीं, बल्कि अपने राजनीतिक हितों के अनुसार सीटों का परिसीमन करना है, जिसे विपक्ष की एकजुटता के चलते सफल नहीं होने दिया गया।
शिल्पा देवांगन ने कांग्रेस के ऐतिहासिक प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि पंचायतों और स्थानीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण दिलाने की पहल सबसे पहले राजीव गांधी द्वारा की गई थी। बाद में पीवी नरसिम्हा राव सरकार ने इसे कानून का रूप दिया, जिससे आज देशभर में लाखों महिला जनप्रतिनिधि सक्रिय रूप से राजनीति में भागीदारी निभा रही हैं।
उन्होंने निष्कर्ष में कहा कि भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर देशभर में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है, जबकि सच्चाई यह है कि कांग्रेस हमेशा महिलाओं के अधिकार और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध रही है।
इस अवसर पर उपनेता प्रतिपक्ष कोमल सेना, महामंत्री अभिषेक नायडू, अनुराग महतो, सुनीता सिंह, सुषमा सुता, जावेद खान, एस. नीला, अफरोज बेगम सहित अन्य कांग्रेस पदाधिकारी उपस्थित रहे।


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