नगर निगम की मनमानी: 100 से ज्यादा दुकानें 15 साल में नहीं बिकीं, फिर भी 200 करोड़ का शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बना रहा निगम: रायपुर: शहर में नगर...
नगर निगम की मनमानी: 100 से ज्यादा दुकानें 15 साल में नहीं बिकीं, फिर भी 200 करोड़ का शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बना रहा निगम:
रायपुर: शहर में नगर निगम की लापरवाही और अव्यवस्थित योजना का एक और उदाहरण सामने आया है। पिछले 10-15 वर्षों से शहर के विभिन्न इलाकों में बनीं 100 से अधिक दुकानें आज भी खाली पड़ी हैं। इन व्यावसायिक परिसरों की बिक्री न होने के बावजूद नगर निगम अब 200 करोड़ रुपये की लागत से नया शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने की तैयारी कर रहा है।
पुरानी दुकानों की हालत दयनीय:
नगर निगम ने अलग-अलग इलाकों में करोड़ों रुपये खर्च कर जो व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बनाए थे, वे आज भी खाली पड़े हैं। इनमें से कई दुकानों की हालत खराब हो चुकी है, और रखरखाव के अभाव में वे जर्जर होती जा रही हैं। इसके बावजूद निगम इन परिसरों की बिक्री या किराये पर देने के बजाय नए प्रोजेक्ट पर करोड़ों रुपये खर्च करने की योजना बना रहा है।
निगम की आर्थिक हालत पर सवाल:
नगर निगम पहले से ही वित्तीय संकट से जूझ रहा है। कर्मचारियों के वेतन, बुनियादी सुविधाओं और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए पर्याप्त बजट की कमी बनी हुई है। ऐसे में एक नया शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाना समझ से परे है। सवाल यह भी उठता है कि जब पुरानी दुकानें नहीं बिक रही हैं तो नए कॉम्प्लेक्स की दुकानें कैसे बिकेंगी?
विरोध और सवालों की बौछार:
स्थानीय व्यापारियों और विशेषज्ञों का मानना है कि निगम को पहले पुराने कॉम्प्लेक्स की स्थिति सुधारनी चाहिए और उनकी बिक्री सुनिश्चित करनी चाहिए। एक नया प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले पुरानी असफल योजनाओं का विश्लेषण आवश्यक है।
क्या नगर निगम अपनी गलती सुधारेगा?
अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या नगर निगम इस मामले में कोई ठोस कदम उठाएगा या फिर जनता की गाढ़ी कमाई को एक और असफल परियोजना में झोंक देगा।
यह समाचार नगर निगम की अव्यवस्थित योजनाओं और वित्तीय कुप्रबंधन को उजागर करता है। अगर आपको इसमें कोई और तथ्य या बदलाव जोड़ना है तो बताइए!
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