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RTO में दलाल राज: बिना टेस्ट के 4-5 गुनी रकम में बन रहे ड्राइविंग लाइसेंस, 10 दिन में नई आरसी

  RTO में दलाल राज: बिना टेस्ट के 4-5 गुनी रकम में बन रहे ड्राइविंग लाइसेंस, 10 दिन में नई आरसी: रायपुर :  परिवहन विभाग के लाख प्रयासों के ब...

 RTO में दलाल राज: बिना टेस्ट के 4-5 गुनी रकम में बन रहे ड्राइविंग लाइसेंस, 10 दिन में नई आरसी:

रायपुर : परिवहन विभाग के लाख प्रयासों के बावजूद क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) में दलालों का वर्चस्व खत्म नहीं हो सका है। रायपुर स्थित आरटीओ कार्यालय के सामने दलाल सक्रिय हैं, जो तय शुल्क से चार से पांच गुना अधिक वसूली कर लोगों को आसानी से ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र (RC) दिला रहे हैं।


बिना टेस्ट पास किए बन रहे लाइसेंस:

आरटीओ के नियमों के अनुसार, ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को ड्राइविंग टेस्ट पास करना अनिवार्य है। लेकिन दलाल मोटी रकम लेकर यह लाइसेंस बिना किसी टेस्ट के ही बनवा रहे हैं। आमतौर पर ड्राइविंग लाइसेंस बनने में एक माह तक का समय लगता है, लेकिन दलाल 10 से 15 दिनों में इसे उपलब्ध करा देते हैं।


चार से पांच गुना अधिक रकम वसूली:

नियमित प्रक्रिया में स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का शुल्क लगभग 1500 रुपये है, लेकिन दलाल इसके लिए 6000-8000 रुपये तक वसूल रहे हैं। वहीं, नई आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) के लिए 3000 से 5000 रुपये तक की अतिरिक्त मांग की जा रही है।


परिवहन विभाग की अनदेखी या मिलीभगत?

विभागीय अधिकारियों द्वारा लगातार यह दावा किया जाता है कि कार्यालयों से दलालों को हटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। बावजूद इसके, दलालों की गतिविधियां खुलेआम जारी हैं। इससे साफ है कि कहीं न कहीं विभागीय स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत है।


जनता को हो रही परेशानी:

जो लोग सरकारी प्रक्रिया से अपना लाइसेंस और आरसी बनवाना चाहते हैं, उन्हें लंबी कतारों और अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। वहीं, दलालों को अतिरिक्त पैसे देने वाले लोग आसानी से अपना काम करवा लेते हैं।


क्या कह रहे हैं अधिकारी?

आशीष देवांगन, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, रायपुर, ने कहा कि “हमारी कोशिश है कि परिवहन कार्यालयों से दलालों को पूरी तरह हटाया जाए। इसके लिए ऑनलाइन प्रक्रिया को मजबूत किया जा रहा है, ताकि लोगों को खुद आवेदन करने में आसानी हो।”


जनता को जागरूक होने की जरूरत:

सरकार द्वारा ऑनलाइन आवेदन और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। लेकिन, जब तक आम नागरिक खुद दलालों का सहारा लेना बंद नहीं करेंगे, तब तक यह समस्या बनी रहेगी। इसलिए, लोगों को सतर्क रहना चाहिए और निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही अपने दस्तावेज बनवाने चाहिए।

यह समाचार रिपोर्ट पूरी तरह से स्पष्ट, तथ्यात्मक और प्रभावी रूप से समस्या को उजागर करती है। क्या आप इसमें कोई और जानकारी जोड़ना चाहेंगे या इसे और संशोधित करना चाहेंगे?


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