छत्तीसगढ़ में वक्फ संपत्तियों पर संकट: 80% पर अवैध कब्जे, जिला स्तर पर बोर्ड नहीं: छत्तीसगढ़ : में वक्फ संपत्तियों को लेकर गंभीर स्थिति ब...
छत्तीसगढ़ में वक्फ संपत्तियों पर संकट: 80% पर अवैध कब्जे, जिला स्तर पर बोर्ड नहीं:
छत्तीसगढ़ : में वक्फ संपत्तियों को लेकर गंभीर स्थिति बनी हुई है। राज्य में वक्फ बोर्ड तो है, लेकिन जिला स्तर पर इसका कोई मजबूत प्रशासनिक ढांचा नहीं है। नतीजतन, हजारों वक्फ संपत्तियां अव्यवस्थित और विवादों में फंसी हुई हैं। आंकड़ों के अनुसार, राज्य में 2,161 वक्फ संपत्तियां दर्ज हैं, जबकि दावा 7,000 से अधिक का है। सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि 80% संपत्तियों पर अवैध कब्जे हो चुके हैं, जिनमें मालवीय रोड की 40 दुकानों सहित कई कीमती संपत्तियां शामिल हैं।
विधेयक की सुगबुगाहट और वक्फ संपत्तियों का हाल:
संसद में नए वक्फ संशोधन विधेयक को पेश किए जाने की चर्चाओं ने मस्जिदों, मदरसों, कब्रिस्तानों और वक्फ बोर्ड के बीच हलचल मचा दी है। बीते दो दशकों में कई वक्फ संपत्तियां बेची गईं या उन पर कब्जे हो गए, जिससे समुदाय में असंतोष बढ़ा है। चूंकि वक्फ संपत्तियां धार्मिक और सामाजिक उपयोग के लिए आरक्षित होती हैं, ऐसे में इन पर अवैध कब्जे और बिक्री गंभीर मुद्दे हैं।
प्रशासनिक उदासीनता या मिलीभगत?
राज्य में वक्फ बोर्ड की प्रभावी निगरानी नहीं होने के कारण संपत्तियों की सुरक्षा खतरे में है। जिला स्तर पर बोर्ड की गैर-मौजूदगी के चलते संपत्तियों की देखरेख मुश्किल हो रही है। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या प्रशासनिक ढीलापन ही इन कब्जों और गड़बड़ियों की असली वजह है, या फिर कहीं न कहीं मिलीभगत भी शामिल है?
समुदाय की मांग – सख्त कार्रवाई और पारदर्शिता:
इस पूरे मामले पर मुस्लिम समुदाय के लोग सख्त कार्रवाई और पारदर्शी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार को वक्फ बोर्ड को सशक्त करना चाहिए, जिलों में इसकी इकाइयां बनानी चाहिए और अवैध कब्जों पर कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही, नई वक्फ नीति को ऐसा बनाया जाए जिससे वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
क्या कहती है सरकार?
फिलहाल, राज्य सरकार की ओर से इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लेकिन वक्फ संशोधन विधेयक आने के बाद इसमें बदलाव संभव है। सवाल यह है कि क्या सरकार इस मसले को गंभीरता से लेगी, या फिर यह मुद्दा सिर्फ चर्चाओं तक ही सीमित रहेगा?
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