8 नवंबर 2026 | प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षा बलों के साथ दिवाली मनाई। उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में जवानों के योगद...
8 नवंबर 2026 | प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षा बलों के साथ दिवाली मनाई। उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में जवानों के योगदान के लिए आभार जताया।

- प्रधानमंत्री ने बस्तर में सुरक्षा बलों के साथ दिवाली मनाई
- नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई जीतने और हर जिला नक्सल-मुक्त होने का दावा
- CRPF के एक वर्ष में किसी जवान की ड्यूटी पर मौत न होने का उल्लेख
प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के बस्तर के जंगलों में सुरक्षा बलों के साथ दिवाली मनाई। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी उनके भाषण का मूल पाठ पत्र सूचना कार्यालय (PIB) ने 8 नवंबर 2026 को दोपहर 2 बजकर 53 मिनट पर जारी किया। इस अवसर पर उन्होंने देश की सीमाओं और भीतर सुरक्षा में लगे जवानों को दिवाली की बधाई दी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बस्तर वह भूमि है, जहां कभी नक्सली आतंक का कहर था। उनके अनुसार, जवानों के त्याग और तपस्या से इसी भूमि पर नक्सली आतंक खत्म हुआ और विकास शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि साल 2026 की दिवाली इसलिए खास है, क्योंकि देश नक्सलवाद के खिलाफ दशकों पुरानी लड़ाई जीत चुका है और देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त है।
प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद के पुराने दौर को भी याद किया। उन्होंने कहा कि एक समय देश के करीब 20 राज्यों में 230 से ज्यादा जिले इससे प्रभावित थे। 2010 में दंतेवाड़ा में नक्सली मुठभेड़ में CRPF के 76 जवान शहीद हुए थे। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में दशकों तक एक हजार से ज्यादा जवानों का बलिदान हुआ।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद राजनीतिक इच्छाशक्ति बदली और हालात में सुधार आया। उनके अनुसार, 47 साल बाद पहली बार पिछले एक वर्ष में CRPF के किसी जवान की ड्यूटी के दौरान मौत नहीं हुई। उन्होंने इसे सही नीतियों और दृढ़ इच्छाशक्ति की जीत बताया। सरकार ने नक्सलियों की फंडिंग पर चोट करने और सुरक्षाबलों को हर जरूरी निर्णय लेने की आज़ादी देने जैसे कदमों का भी जिक्र किया।
भाषण के अंश में प्रधानमंत्री ने बताया कि बीते 12 वर्षों में देश ने नक्सलवाद और अलगाववाद के खिलाफ लड़ाई जीतने के साथ गरीबी के खिलाफ भी बड़ी जंग जीती है। उन्होंने नक्सल प्रभावित इलाकों में लोगों के जीवन में बदलाव लाने और स्थानीय नागरिकों के सहयोग का भी उल्लेख किया। उन्होंने ऐसे नागरिकों का आभार जताया, जो इस लड़ाई में उपस्थित थे।
इस विज्ञप्ति के मूल पाठ में प्रधानमंत्री ने दिवाली से ठीक पहले आई एक खबर का जिक्र शुरू किया था, लेकिन पाठ वहीं पर खत्म हो जाता है। इसलिए उस खबर का विवरण इस समाचार में शामिल नहीं किया गया है।
स्रोत: पत्र सूचना कार्यालय (PIB)

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