8 नवंबर 2026 | रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 8 नवंबर 2026 को सिक्किम के अग्रिम क्षेत्रों में त्रिशक्ति कोर के सैनिकों के साथ दीपावली मनाई और...
8 नवंबर 2026 | रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 8 नवंबर 2026 को सिक्किम के अग्रिम क्षेत्रों में त्रिशक्ति कोर के सैनिकों के साथ दीपावली मनाई और शेराथांग युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि दी।

- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 8 नवंबर 2026 को सिक्किम में त्रिशक्ति कोर के सैनिकों के साथ दीपावली मनाई
- उन्होंने शेराथांग युद्ध स्मारक और बाबा हरभजन सिंह स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की
- सैनिकों से अनुशासन, साहस और स्थानीय लोगों के साथ सद्भाव बनाए रखने का आग्रह किया
रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने 8 नवंबर, 2026 को सिक्किम के अग्रिम क्षेत्रों में तैनात त्रिशक्ति कोर (33 कोर) के सैनिकों के साथ दीपावली मनाई। इस अवसर पर उनके साथ थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ, पूर्वी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल वी.एम.बी. कृष्णन, 33 कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल मान राज सिंह मान और भारतीय सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
श्री राजनाथ सिंह ने शेराथांग में सैनिकों से बातचीत के दौरान उन्हें दीपावली का सबसे उज्ज्वल प्रकाश बताया। उन्होंने कहा कि सीमाओं पर सैनिकों के समर्पण और सतर्कता के कारण ही पूरा देश सुरक्षित महसूस करता है। रक्षा मंत्री ने कहा, "जिस तरह एक दीपक बिना किसी दिखावे के अंधकार दूर करता है, उसी तरह सैनिक भी चुपचाप अपना कर्तव्य निभाते हैं, ताकि देशवासी शांति और सुरक्षा के साथ त्योहार मना सकें।"
रक्षा मंत्री ने सैनिकों की कार्य कुशलता, दक्षता, उच्च मनोबल और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में सीमा की रक्षा के प्रति उनके संकल्प की सराहना की। उन्होंने सैनिकों से इसी उत्साह और समर्पण के साथ मातृभूमि की रक्षा करते रहने का आह्वान किया। उन्होंने उन सैनिकों के त्याग और बलिदान को भी नमन किया, जो परिवारों से दूर रहकर त्योहारों से ऊपर उठकर राष्ट्र के प्रति कर्तव्य निभाते हैं।
श्री सिंह ने अनुशासन और साहस के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक कितनी भी उन्नत हो, अनुशासन और साहस के बिना उसका कोई महत्व नहीं है। रक्षा मंत्री ने कहा कि सैनिकों का आचरण, वर्दी, भाषा और संयम स्थानीय समुदायों के बीच सेना की छवि तय करते हैं। उन्होंने सैनिकों से शेराथांग और आसपास के क्षेत्रों में सेना और स्थानीय लोगों के बीच विश्वास और सद्भाव के संबंध और मज़बूत करने का आग्रह किया।
रक्षा मंत्री ने शेराथांग युद्ध स्मारक पर देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने बाबा हरभजन सिंह स्मारक पर भी पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। बाबा हरभजन सिंह की विरासत आज भी इस क्षेत्र की सैन्य और असैन्य परंपराओं में विशेष स्थान रखती है।
श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ऐसे स्मारक अतीत के बलिदानों की याद दिलाते हैं और राष्ट्रीय चेतना व गौरव की भावना जगाते हैं। उन्होंने बताया कि शेराथांग युद्ध स्मारक में सम्मानित सैनिक नागालैंड, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, राजस्थान और असम से थे। रक्षा मंत्री ने कहा कि एकता और निस्वार्थ सेवा की यही भावना भारत की पहचान है।
रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय समर स्मारक की स्थापना की है। उन्होंने कहा कि इस स्मारक पर शहीद सैनिकों के लगभग 26 हजार नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित किए गए हैं। ऐसे स्मारक वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं।
स्रोत: पत्र सूचना कार्यालय (PIB)

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