5 नवंबर 2026 | मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त लौह शिल्प कलाकार तीजू राम विश्वकर्मा को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ स्थापन...
5 नवंबर 2026 | मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त लौह शिल्प कलाकार तीजू राम विश्वकर्मा को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं और बस्तर की शिल्प कला के संरक्षण की सराहना की।

- मुख्यमंत्री साय ने लौह शिल्प कलाकार तीजू राम विश्वकर्मा को पत्र लिखा
- पत्र में छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी गईं
- बस्तर की लौह शिल्प कला के संरक्षण और युवाओं को सिखाने के प्रयासों की सराहना
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त लौह शिल्प कलाकार श्री तीजू राम विश्वकर्मा को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में बस्तर की पारंपरिक लौह शिल्प कला को सहेजने, उसे नई पहचान दिलाने और नई पीढ़ी को इस कला से जोड़ने के उनके प्रयासों की सराहना की है।
मुख्यमंत्री ने पत्र में उल्लेख किया कि श्री तीजू राम विश्वकर्मा ने अपने पिता से सीखी लौह शिल्प कला को वर्षों की मेहनत और लगन से आगे बढ़ाया है। पिता के निधन के बाद पारिवारिक जिम्मेदारियां निभाते हुए उन्होंने इस शिल्प के माध्यम से अन्य कारीगरों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित किए हैं।
पत्र के अनुसार, इटली और रूस की प्रदर्शनियों में उनके कार्यों के माध्यम से बस्तर की लौह शिल्प कला को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। राज्य स्तरीय सम्मान के साथ राष्ट्रपति के हाथों प्राप्त राष्ट्रीय पुरस्कार को मुख्यमंत्री ने पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय बताया।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को यह पारंपरिक कला सिखाने और विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के प्रयासों की भी प्रशंसा की। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 'वोकल फॉर लोकल' के आह्वान का उल्लेख करते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों और कारीगरों को प्रोत्साहित करने में श्री विश्वकर्मा जैसे कलाकारों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
पत्र मिलने पर श्री तीजू राम विश्वकर्मा ने प्रसन्नता व्यक्त की और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा उनकी कला और प्रयासों की सराहना उनके लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है। इससे उन्हें बस्तर की पारंपरिक लौह शिल्प कला के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार के लिए और उत्साह से काम करने की प्रेरणा मिली है।
स्रोत: जनसंपर्क विभाग, छत्तीसगढ़

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