• बकावंड के पोटियावंड में टीबी जांच शिविर, घर के करीब पहुंची आधुनिक स्वास्थ्य सुविधा; ब्लॉक में एक गांव में सर्वाधिक एक्स-रे का दावा : जगदल...
• बकावंड के पोटियावंड में टीबी जांच शिविर, घर के करीब पहुंची आधुनिक स्वास्थ्य सुविधा; ब्लॉक में एक गांव में सर्वाधिक एक्स-रे का दावा :
जगदलपुर : राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के तहत बस्तर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में टीबी जांच और स्वास्थ्य सुविधाओं को ग्रामीणों तक पहुंचाने के लिए निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बकावंड विकासखंड के ग्राम पंचायत पोटियावंड में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया, जहां आधुनिक हैंडहेल्ड पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के माध्यम से 85 ग्रामीणों की निःशुल्क जांच की गई।
आयोजकों के अनुसार, बकावंड विकासखंड में किसी एक गांव में एक दिन के दौरान पोर्टेबल एक्स-रे से की गई जांच का यह अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है।
यह अभियान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक और जिला क्षय नियंत्रण अधिकारी डॉ. सीआर मैत्री के दिशा-निर्देशन तथा खंड चिकित्सा अधिकारी के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। उच्च जोखिम वाले गांवों में पिरामल फाउंडेशन की टीम बीपीएम श्रीरामजी गुप्ता के नेतृत्व में निक्षय निरामय अभियान चला रही है।
पंचायत भवन में लगा विशेष शिविर
सेक्टर करपावंड के प्रभारी रोशन निर्मलकर ने ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक केशबो भारती के सहयोग से पंचायत भवन में शिविर आयोजित किया। शिविर के दौरान मैदानी अमले ने ग्रामीणों को टीबी के लक्षणों, समय पर जांच और उपचार के प्रति जागरूक किया तथा टीबी उन्मूलन का संकल्प दोहराया।
घर के करीब पहुंची आधुनिक स्वास्थ्य सुविधा
सुदूर वनांचल क्षेत्रों के ग्रामीणों को पहले छाती के एक्स-रे और टीबी जांच के लिए शहर के बड़े अस्पतालों तक जाना पड़ता था। अब मोबाइल और पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाएं गांवों तक पहुंचाई जा रही हैं।
आधुनिक पोर्टेबल एक्स-रे तकनीक से मौके पर ही फेफड़ों की स्थिति का प्रारंभिक आकलन किया जा सकता है। इससे संभावित बीमारी की पहचान शुरुआती चरण में करने और जरूरत पड़ने पर समय पर उपचार शुरू करने में मदद मिलती है।
मितानिनों की सक्रियता से मिली सफलता
पोटियावंड में एक ही दिन में 85 लोगों की जांच को स्वास्थ्य विभाग के मजबूत मैदानी नेटवर्क और स्थानीय टीम के समन्वय का परिणाम बताया गया। मितानिनों, स्वास्थ्य कर्मियों और ब्लॉक स्तर के समन्वयकों ने घर-घर पहुंचकर ग्रामीणों को जांच के लिए प्रेरित किया और उनके मन में मौजूद आशंकाओं को दूर किया।
इसी जागरूकता और आपसी तालमेल के कारण बड़ी संख्या में ग्रामीण शिविर तक पहुंचे। खंड चिकित्सा अधिकारी ने अभियान में शामिल पूरी टीम के प्रयासों की सराहना की।
शिविर में एसटीएलएस दीपेश्वर साहू, बीपीएम रामजी गुप्ता, कुमारी दिलेश्वरी कश्यप, चंद्रिका कोराम, कुंती नाग, मोहन सिंह नाग, मोनिका नाग, हेमंत कुमार, चंदिला दीपिका सहित स्वास्थ्य विभाग एवं सहयोगी टीम के सदस्य उपस्थित रहे।


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