• 2013 की NIA FIR से जुड़े मामले में कोर्ट का फैसला, IPC, Arms Act, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और UAPA के तहत हुई कार्रवाई : जगदलपुर : बहुचर्च...
• 2013 की NIA FIR से जुड़े मामले में कोर्ट का फैसला, IPC, Arms Act, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और UAPA के तहत हुई कार्रवाई :
जगदलपुर : बहुचर्चित झीरम घाटी मामले में कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए 10 आरोपियों को विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार दिया है। यह मामला वर्ष 2013 में दर्ज FIR से जुड़ा है, जिसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने की थी।
कोर्ट रिकॉर्ड के अनुसार, मामले में भारतीय दंड संहिता (IPC), भारतीय शस्त्र अधिनियम 1959, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम 1967 (UAPA) की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई थी।
इन 10 आरोपियों को दोषी ठहराया गया
प्रमिला मोडियम
चैतू लेकाम उर्फ मुन्ना
सुमित्रा उर्फ सुमित्रा पुनेम मोडियम
मुक्का मांडवी
कोसा कवासी उर्फ कोसाराम
आयता मरकाम
मदकामी देवा
जोगा मदकामी
बनजामी सन्ना उर्फ चमरू उर्फ डेंगा
महादेव नाग
कई गंभीर धाराओं में दर्ज था मामला
केस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 147, 148, 149, 341, 121, 121A, 122, 307, 302, 427, 396, 397 और 120B समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।
इसके अलावा Arms Act की धारा 25 और 27, Explosive Substances Act की धारा 3, 4 और 5 तथा UAPA की धारा 16, 18, 20, 38(2), 39(2) और 40(2) के तहत भी कार्रवाई की गई।
2013 में दर्ज हुई थी NIA FIR
केस रिकॉर्ड के अनुसार, इस मामले में NIA/Delhi में FIR संख्या 06/2013 दर्ज की गई थी। झीरम घाटी की घटना के बाद मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया लंबे समय तक चली। अब कोर्ट के फैसले के बाद 10 आरोपियों को विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराया गया है और उनके खिलाफ सजा सुनाई गई है।


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