• बंदूक के साये में भी शिक्षकों ने जलाए शिक्षा के दीप, नई पीढ़ी को विकास और मुख्यधारा से जोड़ने में निभाई अहम भूमिका : जगदलपुर : शिक्षक दिव...
• बंदूक के साये में भी शिक्षकों ने जलाए शिक्षा के दीप, नई पीढ़ी को विकास और मुख्यधारा से जोड़ने में निभाई अहम भूमिका :
जगदलपुर : शिक्षक दिवस के अवसर पर बस्तर सांसद महेश कश्यप ने जिले के समस्त शिक्षकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाले नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र का भविष्य गढ़ने वाली महत्वपूर्ण शक्ति हैं। उन्होंने बस्तर के दुर्गम और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कठिन परिस्थितियों के बीच शिक्षा की अलख जगाने वाले शिक्षकों को नमन किया।
सांसद महेश कश्यप ने कहा कि महान शिक्षाविद एवं भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर मनाया जाने वाला शिक्षक दिवस गुरु के प्रति सम्मान और शिक्षा के महत्व का स्मरण कराता है।
उन्होंने कहा कि बस्तर की धरती पर शिक्षकों की भूमिका सामान्य परिस्थितियों से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण रही है। नक्सलवाद के कठिन दौर में कई क्षेत्रों में भय का वातावरण था, स्कूलों को निशाना बनाया जाता था और बच्चों की शिक्षा बाधित करने का प्रयास होता था। इसके बावजूद अनेक शिक्षकों ने अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटने के बजाय गांव-गांव जाकर बच्चों को पढ़ाया और शिक्षा की लौ जलाए रखी।
शिक्षा ने वैचारिक लड़ाई में निभाई अहम भूमिका
सांसद महेश कश्यप ने कहा कि बस्तर के उन शिक्षकों का योगदान सदैव स्मरण किया जाएगा, जिन्होंने नक्सल हिंसा के बीच भी शिक्षा को मजबूत माध्यम बनाया। कई शिक्षकों ने अपनी जान तक गंवाई, लेकिन उनके द्वारा शुरू की गई शिक्षा की यात्रा नहीं रुकी।
उन्होंने कहा कि नक्सलवाद केवल हिंसा की समस्या नहीं थी, बल्कि बच्चों को शिक्षा, विकास और मुख्यधारा से दूर रखने वाली विचारधारा भी थी। शिक्षकों ने बच्चों को किताबों और शिक्षा से जोड़कर इस विचारधारा को चुनौती दी। शिक्षा के माध्यम से नई पीढ़ी में लोकतंत्र, संविधान, विकास और राष्ट्र निर्माण की भावना मजबूत हुई।
शिक्षा को मिल रही नई उड़ान
महेश कश्यप ने कहा कि आज बस्तर विकास और शिक्षा की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। जिन इलाकों में कभी भय का माहौल था, वहां अब स्कूल, सड़क, बिजली, मोबाइल नेटवर्क और विकास की नई संभावनाएं पहुंच रही हैं।
उन्होंने कहा कि बस्तर के किसी भी बच्चे की शिक्षा केवल उसके गांव की भौगोलिक स्थिति या अतीत की परिस्थितियों के कारण बाधित न हो, यह प्राथमिकता है। दूरस्थ और पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बेहतर स्कूल, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शिक्षकों की उपलब्धता और आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार जरूरी है।
सांसद ने कहा कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जीवन हमें सिखाता है कि शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण का आधार है।
शिक्षक दिवस पर सांसद महेश कश्यप ने बस्तर के सभी शिक्षकों को नमन करते हुए कहा कि नक्सलवाद के कठिन दौर में भी शिक्षा की मशाल बुझने नहीं देने वाले शिक्षक बस्तर के वास्तविक नायक हैं। अब शिक्षा की इसी रोशनी में विकसित, शिक्षित और सशक्त बस्तर का निर्माण करना हम सभी की जिम्मेदारी है।


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