• भारी बारिश के बीच 200 से अधिक शिवभक्तों ने 28 किलोमीटर दौड़कर किया भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक : जगदलपुर : पवित्र श्रावण मास के अवसर पर दूस...
• भारी बारिश के बीच 200 से अधिक शिवभक्तों ने 28 किलोमीटर दौड़कर किया भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक :
जगदलपुर : पवित्र श्रावण मास के अवसर पर दूसरे सोमवार को द्वितीय वर्ष डाक कांवड़ यात्रा श्रद्धा, उत्साह और धार्मिक आस्था के साथ आयोजित की गई। भारी बारिश के बावजूद 200 से अधिक शिवभक्तों ने यात्रा में हिस्सा लिया और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं मंगलकामना की।
यात्रा का शुभारंभ जगदलपुर के महादेव घाट स्थित इंद्रावती नदी में विधिवत जलपूजन के साथ हुआ। इसके बाद 200 से अधिक डाक बम कांवड़िए इंद्रावती नदी का पवित्र जल लेकर करीब 28 किलोमीटर की दूरी बिना रुके दौड़ते हुए ओडिशा सीमा पर स्थित देवड़ा शिवालय पहुंचे। यहां श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
आयोजकों के अनुसार, डाक कांवड़ यात्रा का उद्देश्य भगवान भोलेनाथ की आराधना के साथ सनातन परंपराओं के संरक्षण, धार्मिक जागरूकता और समाज में गौ संरक्षण के प्रति जनजागरण का संदेश देना है। यात्रा के माध्यम से गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग को भी जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
गौ सेवक रोहन कुमार ने बताया कि देवड़ा शिवालय स्वयंभू शिवलिंग के रूप में श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां नियमित रूप से भगवान शिव की पूजा-अर्चना की जाती है। बस्तर के अलावा पड़ोसी राज्य ओडिशा से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन और पूजा के लिए पहुंचते हैं। मंदिर से जुड़े धार्मिक कुंड के जल के प्रति भी श्रद्धालुओं में गहरी आस्था है।
गौ सेवक मुन्ना कोरी ने कहा कि डाक कांवड़ यात्रा के माध्यम से गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था के साथ गौ संरक्षण और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश समाज तक पहुंचाना यात्रा का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
भारी बारिश और लंबी दूरी के बावजूद शिवभक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। “बोल बम” और “हर हर महादेव” के जयघोष के साथ कांवड़िए महादेव घाट से देवड़ा शिवालय तक दौड़ते हुए पहुंचे और भगवान शिव का जलाभिषेक किया।




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