• नक्सलवाद के खात्मे के बाद 90 से अधिक गांवों में पहली बार शान से लहराएगा राष्ट्रध्वज : जगदलपुर : छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने क...
• नक्सलवाद के खात्मे के बाद 90 से अधिक गांवों में पहली बार शान से लहराएगा राष्ट्रध्वज :
जगदलपुर : छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर शुरू हुए ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत ऐतिहासिक बस्तर संभाग में 12 अगस्त से तीन दिवसीय ‘बस्तर तिरंगा यात्रा’ का आगाज होगा। उन्होंने यात्रा के मार्ग, उद्देश्यों और बस्तर में बदलती परिस्थितियों की जानकारी साझा की।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नक्सलवाद के विरुद्ध चलाए गए अभियान के परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 के बाद आने वाले इस पहले राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस पर बस्तर के कोने-कोने में तिरंगा शान से लहराएगा।
उन्होंने बताया कि यात्रा 12 से 14 अगस्त तक बस्तर के अति-संवेदनशील और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। 12 अगस्त को दोपहर 12 बजे नारायणपुर से यात्रा प्रारंभ होगी और विभिन्न गांवों से गुजरते हुए करीब 150 किलोमीटर की दूरी तय कर दंतेवाड़ा पहुंचेगी। 13 अगस्त को दंतेवाड़ा से स्थानीय नागरिकों और जवानों के साथ यात्रा बीजापुर के लिए रवाना होगी। 14 अगस्त को बीजापुर से आवापल्ली, उसूर, कलगम और ताड़पाला होते हुए कारिकुत्तलु पहाड़ी के नीचे यात्रा का समापन होगा।
90 से अधिक गांवों में पहली बार ध्वजारोहण का दावा
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि जनवरी 2024 से बस्तर के अनेक दुर्गम गांवों में राष्ट्रीय पर्वों पर लगातार ध्वजारोहण किया जा रहा है। उनके अनुसार, इस स्वतंत्रता दिवस पर संभाग के 90 से अधिक ऐसे गांवों में पहली बार तिरंगा फहराया जाएगा, जहां आजादी के बाद इस तरह का आयोजन नहीं हुआ था।
उन्होंने कहा कि बस्तर में अब लोग खुद को सुरक्षित और स्वतंत्र महसूस कर रहे हैं तथा राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान के लिए वातावरण तैयार हुआ है।
नक्सल हिंसा के प्रमुख स्थलों पर शहीदों को श्रद्धांजलि
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ‘बस्तर तिरंगा यात्रा’ नक्सली हिंसा में जान गंवाने वाले निर्दोष ग्रामीणों और जवानों के प्रति श्रद्धांजलि का संकल्प भी है। यात्रा के दौरान वे उन प्रमुख 31 स्थानों पर जाएंगे, जहां नक्सली हिंसा की घटनाएं हुई थीं।
उन्होंने चिंगावरम, एर्राबोर और मणीकोंटा में हुई हिंसक घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन स्थानों पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। ताड़मेटला में शहीद हुए जवानों को भी नमन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त को वे झीरम घाटी में उपस्थित रहेंगे और शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे।
शहीदों की स्मृति में संग्रहालय बनाने की घोषणा
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि यात्रा के दौरान उन स्थानों की मिट्टी एकत्र की जाएगी, जहां जवानों और निर्दोष नागरिकों ने बलिदान दिया। इस मिट्टी का उपयोग रायपुर में प्रस्तावित शहीद स्मारक/संग्रहालय में किया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 15 अगस्त को बस्तर संभाग के 500 से अधिक स्कूलों, चौराहों और सामुदायिक भवनों का नामकरण अमर बलिदानियों के नाम पर करने की घोषणा करेंगे।
उन्होंने कहा कि यात्रा में स्थानीय पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी, युवा, जनजातीय समाज के प्रमुख, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल होंगे। यह यात्रा बस्तर के सुरक्षित भविष्य और विकास का संदेश देश तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी।


कोई टिप्पणी नहीं