"NQAS मूल्यांकन में सफल रहा PHC चेरपाल, गुणवत्ता आधारित स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में बीजापुर को मिली बड़ी उपलब्धि" बीजापुर, 05 ज...
"NQAS मूल्यांकन में सफल रहा PHC चेरपाल, गुणवत्ता आधारित स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में बीजापुर को मिली बड़ी उपलब्धि"
बीजापुर, 05 जुलाई 2026।
बीजापुर जिले के विकासखंड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) चेरपाल ने राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के तहत आयोजित बाह्य मूल्यांकन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए गुणवत्ता आधारित स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह सफलता न केवल स्वास्थ्य केंद्र के लिए, बल्कि पूरे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए गर्व का विषय मानी जा रही है।
03 एवं 04 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र (NHSRC), नई दिल्ली की विशेषज्ञ टीम ने PHC चेरपाल का दो दिवसीय विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं, प्रबंधन व्यवस्था, स्वच्छता, रिकॉर्ड संधारण और विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन का गहन मूल्यांकन किया गया।
मूल्यांकन प्रक्रिया मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के मार्गदर्शन तथा खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) के नेतृत्व में संपन्न हुई। विशेषज्ञ टीम ने सामान्य प्रशासन, ओपीडी, आईपीडी, प्रयोगशाला, लेबर रूम, संक्रमण नियंत्रण प्रणाली, दवा प्रबंधन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन, जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं, अभिलेख संधारण एवं साफ-सफाई सहित अनेक गुणवत्ता मानकों की विस्तार से जांच की।
इस महत्वपूर्ण मूल्यांकन में जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM), जिला जनस्वास्थ्य नर्सिंग अधिकारी (DPHNO), विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक (BPM), BDM, BAM, STS, MTS, RBSK टीम, चिकित्सा अधिकारी, PHC प्रभारी, सेक्टर सुपरवाइजर, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO), ग्रामीण स्वास्थ्य अधिकारी (RHO), स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, मितानिन एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी ने मूल्यांकन दल को आवश्यक दस्तावेज, अभिलेख एवं जानकारी उपलब्ध कराते हुए पूरी प्रक्रिया को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सभी कर्मचारियों की मेहनत, बेहतर समन्वय, अनुशासित कार्यप्रणाली और टीम भावना के कारण PHC चेरपाल NQAS मूल्यांकन में खरा उतर सका। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ टीम द्वारा दिए गए सुझावों के अनुरूप आवश्यक सुधारात्मक कदम भी शीघ्र उठाए जाएंगे, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को और अधिक प्रभावी, सुरक्षित तथा मरीज-केंद्रित बनाया जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि NQAS मूल्यांकन केवल प्रमाणन प्रक्रिया नहीं, बल्कि स्वास्थ्य संस्थानों में सेवा गुणवत्ता को निरंतर बेहतर बनाने का एक प्रभावी माध्यम है। इससे मरीजों को बेहतर उपचार, स्वच्छ वातावरण, सुरक्षित चिकित्सा सेवाएं और पारदर्शी स्वास्थ्य प्रबंधन का लाभ मिलता है।
PHC चेरपाल की यह उपलब्धि बीजापुर जिले में गुणवत्ता आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक अहम मील का पत्थर मानी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने विश्वास जताया है कि भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ जिले के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में भी गुणवत्ता सुधार की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे आम नागरिकों को बेहतर एवं भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।







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