"डीईओ की शालाओं पर सख्ती, औचक निरीक्षण में शिक्षा व्यवस्था सुधारने के दिए निर्देश" "वीएसके ऐप उपस्थिति, गणवेश-पाठ्यपुस्तक व...
"डीईओ की शालाओं पर सख्ती, औचक निरीक्षण में शिक्षा व्यवस्था सुधारने के दिए निर्देश"
"वीएसके ऐप उपस्थिति, गणवेश-पाठ्यपुस्तक वितरण, स्वच्छता और नियमित अध्यापन की हुई जांच, तीन दिन में शत-प्रतिशत छात्र उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश"
बीजापुर, 06 जुलाई 2026। (रोमेश नामदेव) जिले में शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, अनुशासित एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से जिला शिक्षा अधिकारी राजेश पांडे ने शनिवार को संकुल केंद्र दुगोली एवं नैमेड़ अंतर्गत संचालित विभिन्न शासकीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षकों की नियमितता तथा विद्यालयों की आधारभूत व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन करते हुए आवश्यक सुधारात्मक निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी ने प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला दुगोली सहित कन्या पोर्टा केबिन नैमेड़ और हाई स्कूल पोर्टा केबिन नैमेड़ का निरीक्षण किया। उन्होंने कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से संवाद किया तथा शिक्षण कार्य की गुणवत्ता का भी आकलन किया।
"वीएसके ऐप से जांच, छात्रावास से कक्षाओं तक डीईओ ने परखी शिक्षा व्यवस्था"
डीईओ ने विद्यालयों में वीएसके ऐप के माध्यम से शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति की जांच की और निर्देश दिए कि सभी शिक्षक समय पर विद्यालय पहुंचकर निर्धारित समय-विभाग चक्र के अनुसार नियमित अध्यापन करें। साथ ही प्रत्येक शिक्षक को अपनी शिक्षक डायरी नियमित रूप से संधारित करने के निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान गणवेश एवं पाठ्यपुस्तकों के वितरण की स्थिति, विद्यार्थियों की उपस्थिति, मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था, विद्यालय परिसर एवं शौचालयों की स्वच्छता का भी निरीक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में साफ-सफाई और अनुशासन का वातावरण विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला दुगोली में जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी कक्षाओं में बारहखड़ी एवं पहाड़ा चार्ट अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों की प्रारंभिक शिक्षा को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
वहीं कन्या पोर्टा केबिन नैमेड़ एवं हाई स्कूल पोर्टा केबिन नैमेड़ के छात्रावासों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने छात्र-छात्राओं के लिए बेहतर आवासीय सुविधाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने छात्रावास की साफ-सफाई बनाए रखने तथा सभी बच्चों के लिए मच्छरदानी उपलब्ध कराकर उसका नियमित उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यार्थियों की कम उपस्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित शिक्षकों को आगामी तीन दिनों के भीतर शत-प्रतिशत छात्र उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की नियमित उपस्थिति गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहली शर्त है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभागीय निर्देशों के अनुरूप प्रतिदिन विद्यालयों में राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, सरस्वती वंदना, भोजन मंत्र, दीप मंत्र, गुरु मंत्र, गायत्री मंत्र एवं शांति मंत्र का सामूहिक गायन कराने तथा महापुरुषों की जीवनी का नियमित वाचन कराने के भी निर्देश दिए।
जिला शिक्षा अधिकारी श्री राजेश पांडे ने कहा कि सभी शिक्षक विभागीय निर्देशों का गंभीरता से पालन करें तथा विद्यालयों में स्वच्छ, अनुशासित, संस्कारयुक्त और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए शिक्षकों की सक्रिय भूमिका और नियमित निगरानी अत्यंत आवश्यक है तथा शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


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