जगदलपुर : नई दिल्ली में आयोजित ‘जनजाति समागम’ कार्यक्रम के दौरान सुकमा जिले से पहुंचे बस्तर के तीन कार्यकर्ता अपने समूह से बिछड़ गए। अजनबी श...
जगदलपुर : नई दिल्ली में आयोजित ‘जनजाति समागम’ कार्यक्रम के दौरान सुकमा जिले से पहुंचे बस्तर के तीन कार्यकर्ता अपने समूह से बिछड़ गए। अजनबी शहर में रास्ता भटक जाने के कारण वे काफी घबराए हुए थे। जैसे ही इस घटना की जानकारी बस्तर सांसद महेश कश्यप को मिली, उन्होंने तत्काल मामले का संज्ञान लेते हुए अपने सहयोगियों को सक्रिय किया।
सांसद महेश कश्यप के निर्देश पर दिल्ली में मौजूद उनकी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खोजबीन शुरू की और कुछ ही घंटों के भीतर तीनों कार्यकर्ताओं को सुरक्षित खोज निकाला।
सांसद ने कार्यकर्ताओं की मानसिक स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत नई दिल्ली स्थित अपने आधिकारिक आवास पर ठहराने की व्यवस्था कराई। वहां उनके भोजन, विश्राम और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई।
बताया गया कि वर्तमान में सुकमा के तीनों कार्यकर्ता पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं। सांसद महेश कश्यप के मार्गदर्शन में उन्हें सम्मानपूर्वक और सुरक्षित तरीके से वापस छत्तीसगढ़ भेजने की तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं।
इस संबंध में सांसद महेश कश्यप ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में सबसे बड़ा दायित्व लोगों के सुख-दुख में उनके साथ खड़े रहना है। उन्होंने कहा कि बस्तर का हर नागरिक उनके परिवार का हिस्सा है और उनकी सुरक्षा, सम्मान और सेवा के लिए वे हमेशा तत्पर रहेंगे।
सांसद की इस संवेदनशील पहल की बस्तर क्षेत्र में सराहना की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि संकट की घड़ी में सांसद द्वारा दिखाई गई तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता जनप्रतिनिधियों के लिए एक सकारात्मक उदाहरण है।


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