एजेंसी : ओडिशा से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने सिस्टम और संवेदनशीलता दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक व्यक्ति अपनी मृत बहन के बैंक...
एजेंसी : ओडिशा से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने सिस्टम और संवेदनशीलता दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक व्यक्ति अपनी मृत बहन के बैंक खाते से पैसे निकालने के लिए उसकी हड्डियां (कंकाल) लेकर बैंक पहुंच गया।
जानकारी के अनुसार, जीतू मुंडा नाम का यह व्यक्ति अपनी बहन के खाते से रकम निकालने के लिए कई बार बैंक गया था। उसने बैंक कर्मचारियों को मृत्यु प्रमाण पत्र भी दिखाया, लेकिन हर बार उसे यही कहा गया कि खाताधारक को स्वयं उपस्थित होना होगा।
आखिरकार, मजबूर होकर उसने अपनी बहन के दफनाए गए शव को कब्र से निकाला, कंकाल को कपड़े में लपेटा और करीब 3 किलोमीटर पैदल चलकर बैंक पहुंच गया। बैंक में यह दृश्य देखकर हड़कंप मच गया और लोगों में अफरा-तफरी फैल गई।
घटना के बाद प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि बैंक कर्मचारियों की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना सिस्टम की जटिल प्रक्रियाओं और जमीनी स्तर पर संवेदनशीलता की कमी को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमों के साथ मानवीय दृष्टिकोण भी जरूरी है, खासकर तब जब मामला आम और जरूरतमंद लोगों से जुड़ा हो।


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