"दंतेवाड़ा के सुदूर जंगमपाल में तीन दिन-दो रात डटी टीम, पेयजल संकट दूर कर बनी मिसाल" दंतेवाड़ा, 30 अप्रैल 2026। भीषण गर्मी के बी...
"दंतेवाड़ा के सुदूर जंगमपाल में तीन दिन-दो रात डटी टीम, पेयजल संकट दूर कर बनी मिसाल"
दंतेवाड़ा, 30 अप्रैल 2026। भीषण गर्मी के बीच जहां जल संकट ग्रामीण जीवन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है, वहीं जिला दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा के सुदूर अंचल में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की टीम ने सेवा और समर्पण का अनूठा उदाहरण पेश किया है। सुकमा सीमा से लगे दूरस्थ ग्राम पंचायत जंगमपाल में लंबे समय से पेयजल समस्या बनी हुई थी, जो गर्मी बढ़ने के साथ और गंभीर हो गई थी।
ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए कलेक्टर के निर्देश पर विभाग की हैंडपंप टेक्नीशियन टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई। विकासखंड कटेकल्याण के दुर्गम वनांचल क्षेत्र में पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं था, बावजूद इसके टीम ने पूरे उपकरण और मशीनरी के साथ कठिन रास्तों को पार किया। कई स्थानों पर नदी पार करनी पड़ी, तो कहीं सामान कंधों पर लेकर पगडंडियों के सहारे गांवों तक पहुंचना पड़ा।
टीम ने लगातार तीन दिन और दो रात गांवों में रहकर जंगमपाल सहित प्रतापगिरी, छोटेलखापाल और छोटेतोंगपाल जैसे अंदरूनी गांवों में खराब हैंडपंपों की मरम्मत की। साथ ही जल स्रोतों की सफाई, तकनीकी सुधार और क्लोरीनेशन कर जल गुणवत्ता सुनिश्चित की गई। इस अथक प्रयास के बाद बंद पड़े हैंडपंप फिर से चालू हो गए और ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल मिलने लगा।
इस विशेष अभियान का नेतृत्व लीड हैंडपंप टेक्नीशियन उमा शंकर नेताम ने किया। उनके साथ राजेश नाग, राजू ठाकुर, गोविंद ठाकुर, विजेंद्र कश्यप, गौतम ठाकुर, अनिल ठाकुर और वीरेंद्र सेठिया सहित अन्य सहयोगी शामिल रहे।
स्थानीय ग्रामीणों ने टीम के समर्पण और मेहनत की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में पेयजल संकट से राहत मिलना किसी वरदान से कम नहीं है। इस पहल से न केवल जल संकट दूर हुआ है, बल्कि शासन-प्रशासन के प्रति ग्रामीणों का विश्वास भी और मजबूत हुआ है।
यह सफलता कहानी दर्शाती है कि यदि सेवा का संकल्प मजबूत हो, तो कोई भी कठिनाई राह में बाधा नहीं बन सकती। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की यह पहल “हर घर जल” के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है।




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