सुकमा : सीआरपीएफ की 212वीं बटालियन ने एटापक्का मुख्यालय में 9 अप्रैल को शौर्य दिवस पूरे उत्साह और सम्मान के साथ मनाया। कार्यक्रम की शुरुआत श...
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सुकमा : सीआरपीएफ की 212वीं बटालियन ने एटापक्का मुख्यालय में 9 अप्रैल को शौर्य दिवस पूरे उत्साह और सम्मान के साथ मनाया। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। इस अवसर पर द्वितीय कमान अधिकारी सह कमांडेंट दिनेश कुमार ने 9 अप्रैल 1965 के ऐतिहासिक शौर्य की याद दिलाई, जब सीआरपीएफ की दूसरी वाहिनी की चार कंपनियों ने पाकिस्तानी सेना के बड़े हमले का डटकर मुकाबला किया था। उन्होंने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद जवानों ने 12 घंटे तक दुश्मन को आगे बढ़ने से रोके रखा, जो अर्धसैनिक बलों के इतिहास में अद्वितीय साहस का उदाहरण है।
समारोह में वीरता और कर्तव्यनिष्ठा का विशेष सम्मान भी किया गया। Police Medal for Gallantry (PMG) विजेता हवलदार आर. मलिक शाहिद और सिपाही जीडी पी. मारी राजू को सम्मानित किया गया। उनकी बहादुरी के किस्से साझा कर जवानों और अधिकारियों का मनोबल बढ़ाया गया। इस दौरान बटालियन के अधिकारियों, अधीनस्थ अधिकारियों और जवानों की बड़ी संख्या मौजूद रही।
शाम को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके बाद रात्रि भोज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सीएमओ (एसजी) कमांडेंट डॉ. सुमित सहगल, उप कमांडेंट अजय प्रताप सिंह सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। शौर्य दिवस का यह आयोजन न केवल शहीदों के बलिदान को नमन करने का अवसर बना, बल्कि जवानों में देशसेवा और कर्तव्य के प्रति समर्पण की भावना को भी और मजबूत कर गया।


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