जल संकट से जूझ रहे किसानों ने निकाला समाधान: कोंडागांव में सूखी नदी की तलहटी में बनाया जलकुंड: कोंडागांव, छत्तीसगढ़ : गर्मी के मौसम में ज...
जल संकट से जूझ रहे किसानों ने निकाला समाधान: कोंडागांव में सूखी नदी की तलहटी में बनाया जलकुंड:
कोंडागांव, छत्तीसगढ़ : गर्मी के मौसम में जल संकट से जूझ रहे कोंडागांव जिले के किसानों ने अपनी सूझबूझ और मेहनत से एक अनूठा समाधान खोज लिया है। भानपुरी पंचायत से बहने वाली जुगानी नदी लगभग सूख चुकी थी, जिससे खेतों की सिंचाई और पीने के पानी की समस्या विकराल हो गई थी। ऐसे में करीब एक हजार किसानों ने मिलकर एक सामूहिक प्रयास किया और नदी की तलहटी से रेत हटाकर जलकुंड बना दिया।
स्थानीय जुगाड़ ने किया कमाल:
किसानों ने पारंपरिक ज्ञान और तकनीकों का उपयोग करते हुए नदी के सूखे तल में जलकुंड बनाने का फैसला किया। पहले, नदी के तल से रेत को हटाया गया, जिससे नीचे संचित नमी और भूजल ऊपर आ सका। इसके बाद, गड्ढों को और गहरा किया गया ताकि अधिक मात्रा में पानी एकत्र हो सके। इस प्रक्रिया से धीरे-धीरे जलकुंड में पानी भरने लगा, जिससे सिंचाई और दैनिक उपयोग की समस्या का समाधान निकल आया।
सामूहिक प्रयासों से मिली राहत:
इस पहल में गांव के लगभग एक हजार किसानों ने योगदान दिया। बिना किसी सरकारी सहायता के, उन्होंने अपने संसाधनों और श्रम से जलकुंड तैयार किया। स्थानीय निवासी सतीश कुमार ने बताया, "पानी के बिना खेती करना असंभव था। सरकारी योजनाओं के इंतजार में समय खराब करने के बजाय, हमने खुद ही यह उपाय निकाला। अब हमें सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल रहा है।"
प्राकृतिक जल संरक्षण का बेहतरीन उदाहरण:
कोंडागांव के किसानों का यह नवाचार जल संरक्षण का एक बेहतरीन उदाहरण है। इससे न केवल जल संकट का समाधान हुआ, बल्कि अन्य ग्रामीण क्षेत्रों को भी प्रेरणा मिली कि स्थानीय स्तर पर सामूहिक प्रयासों से बड़ी समस्याओं का हल संभव है।
आगे की राह:
किसानों का कहना है कि यदि सरकार या प्रशासन इस प्रयास को समर्थन दे तो इसे और बड़े स्तर पर लागू किया जा सकता है। इससे न केवल किसानों की मदद होगी, बल्कि जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
कोंडागांव के किसानों का यह जुगाड़ साबित करता है कि जब सामूहिक इच्छाशक्ति और परिश्रम साथ हों, तो किसी भी समस्या का हल निकाला जा सकता है।
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