विधानसभा में गरमाया उद्योगों का मुद्दा: "बिना दूल्हे के बारात? रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार को उद्योग स्थापना के मुद्दे प...
विधानसभा में गरमाया उद्योगों का मुद्दा: "बिना दूल्हे के बारात?
रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार को उद्योग स्थापना के मुद्दे पर दिलचस्प बहस देखने को मिली। नेता प्रतिपक्ष ने तंज कसते हुए सवाल किया, "क्या बिना दूल्हे के बारात जाती है?" उनका इशारा राज्य में उद्योग लगाने की प्रक्रिया पर था।
इस पर उद्योग मंत्री ने जवाब दिया, "हम इशारा समझ रहे हैं। मुख्यमंत्री दिल्ली और मुंबई में इन्वेस्टर समिट कर चुके हैं, जिसमें 31 प्रस्तावों के तहत 47 हजार करोड़ रुपये के निवेश की पेशकश मिली है। साथ ही, 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऑफर भी सरकार को मिले हैं।"
भूमि चिन्हांकन पर उठा सवाल:
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार को घेरते हुए कहा, "आप बिना भूमि चिन्हांकित किए उद्योग लगाने की तैयारी कर रहे हैं। उद्योगपतियों को बुलाया, लेकिन कोई निवेशक आया नहीं।"
इसके जवाब में उद्योग मंत्री ने कहा, "मांग के अनुसार भूमि प्रदान की जाती है। कई स्थानों पर निजी भूमि चिन्हांकित की गई है, और लैंड बैंक के जरिए भी जमीन दी जा रही है।"
इन्वेस्टर समिट पर खर्च को लेकर बहस:
विपक्ष ने यह भी सवाल उठाया कि दिल्ली और मुंबई में इन्वेस्टर समिट पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन उद्योगपतियों से ज्यादा अधिकारी इसमें शामिल हुए।
इस पर मंत्री ने सफाई देते हुए कहा, "किसी भी आयोजन में खर्च होता है। जो उद्योगपति आते हैं, उनके खाने और अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च किया जाता है।"
विधानसभा में गर्मागर्म बहस जारी:
इस मुद्दे को लेकर सदन में तीखी नोकझोंक देखने को मिली। जहां विपक्ष ने इसे "खर्चीली कोशिश" करार दिया, वहीं सरकार ने इसे छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
कोई टिप्पणी नहीं