हिंदी के वरिष्ठ लेखक विनोद कुमार शुक्ल को ज्ञानपीठ पुरस्कार, छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक क्षण नई दिल्ली/रायपुर : हिंदी साहित्य के सम्मानित...
हिंदी के वरिष्ठ लेखक विनोद कुमार शुक्ल को ज्ञानपीठ पुरस्कार, छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक क्षण
नई दिल्ली/रायपुर : हिंदी साहित्य के सम्मानित कवि और कथाकार विनोद कुमार शुक्ल को वर्ष 2024 का ज्ञानपीठ पुरस्कार दिया जाएगा। यह पहली बार है जब छत्तीसगढ़ के किसी साहित्यकार को यह प्रतिष्ठित सम्मान मिला है।
ज्ञानपीठ चयन समिति ने शनिवार को नई दिल्ली में इस निर्णय की घोषणा की। शुक्ल साधारण जीवन की गहरी संवेदनाओं को अपनी लेखनी में पिरोने के लिए जाने जाते हैं। उनकी रचनाएं 'नौकर की कमीज', 'दीवार में एक खिड़की रहती थी' और 'खिलेगा तो देखेंगे' जैसे साहित्यिक योगदानों के लिए प्रशंसित हैं। 'नौकर की कमीज' पर एक फिल्म भी बन चुकी है।
छत्तीसगढ़ की साहित्यिक पहचान को नई ऊंचाई देने वाले विनोद कुमार शुक्ल का यह सम्मान हिंदी साहित्य प्रेमियों के लिए गर्व का विषय है। राज्य के साहित्यकारों और पाठकों में इस उपलब्धि को लेकर उत्साह है।
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