CBI को ट्रांसफर हुए चार महीने, चार ठिकानों पर छापेमारी: रायपुर : महादेव सट्टा एप मामले में ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा) ने तीन चाल...
CBI को ट्रांसफर हुए चार महीने, चार ठिकानों पर छापेमारी:
रायपुर : महादेव सट्टा एप मामले में ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा) ने तीन चालान पेश कर दिए हैं, लेकिन इनमें किसी भी आईपीएस अधिकारी का नाम शामिल नहीं है। यह वही मामला है, जिसमें इंटरनेशनल स्तर पर बड़े स्तर पर सट्टेबाजी के खुलासे के बाद प्रदेश के बड़े पुलिस अधिकारियों और नेताओं के करीबी होने की चर्चाएं थीं।
सूत्रों के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच के दौरान यह बात सामने आई थी कि कुछ प्रभावशाली अधिकारियों को "प्रोटेक्शन मनी" के रूप में मोटी रकम दी जा रही थी। इसके बाद ईओडब्ल्यू ने भी जांच शुरू की थी। हालांकि, करीब चार महीने पहले ही इस केस को सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया था, लेकिन ईओडब्ल्यू ने अब तीन अलग-अलग चालान दाखिल कर दिए हैं।
इस बीच, ईओडब्ल्यू और एसआईटी की टीमों ने महादेव सट्टा एप से जुड़े चार अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी भी की है। हालांकि, इस कार्रवाई में क्या बरामद हुआ, इस पर अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है।
बड़े अधिकारियों के नाम नदारद:
जब महादेव एप का मामला सामने आया था, तब प्रदेश के कई बड़े आईपीएस अधिकारियों पर उंगलियां उठी थीं। लेकिन अब तक की जांच और दाखिल किए गए चालानों में किसी भी पुलिस अधिकारी का नाम नहीं है। इससे यह सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या मामले की जांच सही दिशा में जा रही है या इसे किसी खास मकसद से भटका दिया गया है?
अब जब यह मामला सीबीआई के पास है, तो देखना होगा कि आगे इसमें कौन-कौन से बड़े नाम सामने आते हैं। वहीं, ईओडब्ल्यू की हालिया छापेमारी से भी इस केस में नए मोड़ की संभावना बढ़ गई है।
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