छत्तीसगढ़ में राज्यपाल की समीक्षा बैठकों पर सियासत गरमाई, कांग्रेस ने बताया ‘अघोषित राष्ट्रपति शासन’ रायपुर: छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डे...
छत्तीसगढ़ में राज्यपाल की समीक्षा बैठकों पर सियासत गरमाई, कांग्रेस ने बताया ‘अघोषित राष्ट्रपति शासन’
रायपुर: छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका इन दिनों प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं। वे स्थानीय कार्यक्रमों में शिरकत करने के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों की बैठकों में सरकार की योजनाओं की समीक्षा भी कर रहे हैं। उनके इस दौरे ने प्रदेश में सियासी हलचल बढ़ा दी है।
पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने इसे ‘अघोषित राष्ट्रपति शासन’ करार दिया है। कांग्रेस नेता और प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा, "राज्यपाल को अपने संवैधानिक दायरे में रहना चाहिए। भाजपा सरकार के इशारे पर राज्य में समानांतर सरकार चलाई जा रही है।"
BJP का पलटवार – ‘संविधान के दायरे में काम कर रहे हैं राज्यपाल’:
भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए इसे ‘संविधान सम्मत’ बताया। भाजपा प्रवक्ता ने कहा, "राज्यपाल का काम सिर्फ राजभवन तक सीमित नहीं होता। उन्हें राज्य की स्थिति की जानकारी लेनी होती है। कांग्रेस नेताओं को संवैधानिक प्रक्रियाओं की समझ नहीं है।"
पीएम मोदी से मुलाकात के बाद बढ़ी सक्रियता:
राज्यपाल रमेन डेका हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात कर चुके हैं। इसके बाद से उनकी सक्रियता और बढ़ गई है। वे अलग-अलग जिलों का दौरा कर रहे हैं और सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत समझने की कोशिश कर रहे हैं।
राजनीतिक माहौल गरमाया:
राज्यपाल की इन बैठकों को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सरकार और राजभवन के बीच बढ़ती खींचतान का संकेत है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और राजनीति गरमाने की संभावना है।
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