पुलिस पर आदिवासी से मारपीट का आरोप: पैर की हड्डी तोड़ी, गुस्साए समाज ने थाना घेरा: गरियाबंद (छत्तीसगढ़): देवभोग पुलिस पर आदिवासी समाज के व...
पुलिस पर आदिवासी से मारपीट का आरोप: पैर की हड्डी तोड़ी, गुस्साए समाज ने थाना घेरा:
गरियाबंद (छत्तीसगढ़): देवभोग पुलिस पर आदिवासी समाज के व्यक्ति से बर्बर मारपीट का गंभीर आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने 45 वर्षीय लालधर पोर्टी को नाबालिग के गुमशुदगी मामले की जांच के लिए थाने बुलाया था, लेकिन वहां उसे इतना पीटा गया कि उसके पैर की हड्डी टूट गई।
इस घटना के बाद आदिवासी समाज आक्रोशित हो गया और बड़ी संख्या में लोगों ने देवभोग थाने का घेराव कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि बिना किसी ठोस सबूत के एक निर्दोष व्यक्ति को इस हद तक पीटना अमानवीय है।
परिवार का आरोप – जांच के नाम पर की गई बर्बरता
लालधर पोर्टी के परिवार का कहना है कि पुलिस ने उसे सिर्फ पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन थाने में उसके साथ अत्याचार किया गया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उसे बेवजह घंटों तक पीटा, जिससे उसका पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
आदिवासी समाज ने की सख्त कार्रवाई की मांग
घटना से नाराज आदिवासी समाज के लोगों ने थाने के सामने प्रदर्शन किया और दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर जल्द न्याय नहीं मिला तो वे आंदोलन तेज करेंगे।
पुलिस ने क्या कहा?
विवाद बढ़ने के बाद देवभोग पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि मामले की जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, पुलिस पर लगे आरोपों के बाद लोगों में भारी रोष है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या दोषी पुलिसकर्मियों पर कोई कार्रवाई होती है?
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