छत्तीसगढ़ में युक्तियुक्तकरण न होने का असर: 5वीं की परीक्षा में 1 छात्र के लिए 2 शिक्षक कांकेर: छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था की अव्यवस्था...
छत्तीसगढ़ में युक्तियुक्तकरण न होने का असर: 5वीं की परीक्षा में 1 छात्र के लिए 2 शिक्षक
कांकेर: छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था की अव्यवस्था एक बार फिर उजागर हुई है। जिला शिक्षा विभाग में युक्तियुक्तकरण न होने का नतीजा यह है कि कुछ स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात असमान्य हो गया है। ताजा मामला 5वीं बोर्ड परीक्षा का है, जहां एक छात्र की परीक्षा के लिए दो शिक्षक तैनात किए गए।
राज्य सरकार ने अन्य राज्यों की तरह स्कूलों के युक्तियुक्तकरण की योजना बनाई थी, ताकि कम दर्ज संख्या वाले स्कूलों को एकीकृत किया जा सके और शिक्षकों का उचित समायोजन हो। लेकिन, शिक्षक संगठनों के विरोध के चलते यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई। इसका असर अब परीक्षाओं में देखने को मिल रहा है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा के दौरान हर केंद्र पर पर्याप्त शिक्षक तैनात करने की बाध्यता है। चूंकि कई स्कूलों में छात्र संख्या अत्यधिक कम है, इसलिए शिक्षक अनुपात असंतुलित हो गया है। इस कारण कई जगहों पर परीक्षा में एक छात्र के लिए दो शिक्षक ड्यूटी पर लगाए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते युक्तियुक्तकरण हो जाता, तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता था। अब सवाल यह है कि क्या सरकार इस योजना को फिर से लागू करने पर विचार करेगी या इसी अव्यवस्था में शिक्षा व्यवस्था आगे बढ़ेगी?
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