सरकारी अस्पताल में फ्री इलाज, प्राइवेट में खर्च होते 1.5 लाख तक: रायपुर : राजधानी की एक युवती को बचपन से सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। ...
सरकारी अस्पताल में फ्री इलाज, प्राइवेट में खर्च होते 1.5 लाख तक:
रायपुर : राजधानी की एक युवती को बचपन से सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। हर सांस के साथ उसके नथुने सिकुड़ जाते थे, जिससे उसे काफी परेशानी होती थी। यह समस्या 23 साल तक बनी रही, लेकिन सही इलाज न मिलने के कारण स्थिति जस की तस रही।
आखिरकार युवती ने अंबेडकर अस्पताल का रुख किया, जहां ईएनटी विशेषज्ञों ने जांच के बाद उसकी नाक की हड्डी टेढ़ी होने की समस्या पहचानी। डॉक्टरों के मुताबिक, किसी हादसे में हड्डी प्रभावित होने के कारण यह परेशानी हुई थी।
अस्पताल में सफल सर्जरी के बाद युवती को राहत मिली और अब वह सामान्य रूप से सांस ले पा रही है। खास बात यह है कि सरकारी अस्पताल में यह इलाज मुफ्त में किया गया, जबकि प्राइवेट अस्पताल में इसका खर्च 1 से 1.5 लाख रुपए तक आता।
अस्पतालों में विशेषज्ञों की टीम कर रही जटिल सर्जरी:
अंबेडकर अस्पताल में ईएनटी विशेषज्ञों की टीम लगातार इस तरह की जटिल सर्जरी कर मरीजों को राहत दे रही है। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर इलाज मिलने से ऐसी समस्याओं को आसानी से ठीक किया जा सकता है।
नाक की हड्डी टेढ़ी होने के लक्षण और इलाज:
विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि किसी व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत होती है, नथुने सिकुड़ते हैं या बार-बार बंद होते हैं, तो उसे ईएनटी डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। आधुनिक सर्जरी से इस समस्या का स्थायी समाधान संभव है।
(रिपोर्ट: विशेष संवाददाता)
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