म्यूल खातों पर कसा शिकंजा: 25 साइबर एक्सपर्ट्स ने 60 दिन तक ट्रैक किए 2000 खाते, ठगी के मास्टरमाइंड बेनकाब: रायपुर: देशभर में साइबर ठगी के...
म्यूल खातों पर कसा शिकंजा: 25 साइबर एक्सपर्ट्स ने 60 दिन तक ट्रैक किए 2000 खाते, ठगी के मास्टरमाइंड बेनकाब:
रायपुर: देशभर में साइबर ठगी के मामलों में इस्तेमाल हो रहे म्यूल खातों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। 60 दिन तक चली जांच में 25 साइबर एक्सपर्ट्स ने 2000 बैंक खातों के लेनदेन पर नज़र रखी। जांच के बाद उन मुख्य आरोपियों के चेहरे सामने आए, जो ठगी के करोड़ों रुपये खपा रहे थे।
कैसे हुआ खुलासा?
साइबर एक्सपर्ट्स ने संदिग्ध खातों की मनी ट्रेल (लेनदेन की कड़ी) को खंगाला और पैसों के अंतिम ठिकानों तक पहुंचे। यह सामने आया कि कई बैंक खाते केवल पैसों को इधर-उधर करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे। इन खातों का असली मालिक कोई और था, जबकि इनसे ठग नेटवर्क ऑपरेट हो रहा था।
क्या हैं म्यूल अकाउंट्स?
म्यूल अकाउंट वे बैंक खाते होते हैं, जिन्हें साइबर अपराधी पैसों के ट्रांसफर के लिए इस्तेमाल करते हैं। आमतौर पर, इन खातों के असली मालिकों को मामूली कमीशन देकर उनका इस्तेमाल किया जाता है। इस तरह ठगी के पैसे बार-बार ट्रांसफर होते रहते हैं, जिससे असली अपराधी तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
आगे क्या?
साइबर पुलिस अब उन सभी खाताधारकों और मास्टरमाइंड्स पर शिकंजा कस रही है, जो इस गोरखधंधे में शामिल थे। कई बड़े गिरोहों का भी पर्दाफाश होने की संभावना है।
यह कार्रवाई ऑनलाइन ठगी रोकने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जिससे भविष्य में ऐसे मामलों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।
कोई टिप्पणी नहीं